कोटा

टीपू सुल्तान को इतने साल बाद मिली फांसी की सजा, अदालत ने माना सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का दोषी

बेटे के सामने मां से सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद दोनों को गोली मारने के आरोप में कोर्ट ने 3 आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई है।

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Nov 07, 2017
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Kota Court convicts death sentence of three accused in gang rape and Murder

पिता से दुश्मनी का बदला लेने के लिए तीन लोगो आधी रात को उसके घर में घुस गए और पत्नी व बेटे को बंधक बना लिया। तीनों आरोपियों ने बेटे के सामने ही उसकी मां से सामूहिक दुष्कर्म किया और उसके बाद मां-बेटे को मौत के घाट उतार दिया। जब पिता घर वापस लौटा तो पत्नी और बेटे की लाश देख गश खाकर गिर पड़ा। पुलिस ने कुछ दिन बाद ही हत्या और दुष्कर्म के आरोपियों को धर दबोचा। 4 साल तक कोटा के एससी-एसटी कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चली। जिसके बाद मंगलवार को अदालत ने इसे जघन्य अपराध मानते हुए तीनों आरोपियों को फांसी की सजा सुना दी।

टीपू सुल्तान इमरान और कपिल को सुनाई अदालत ने सजा SC ST कोर्ट ने सुनाया फैसला

विज्ञान नगर निवासी मुकेश महावर ने 6 दिसंबर 2012 को उद्योग नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह दोपहर तीन बजे जब अपनी मौसेरी बहन से मिलने उसके बजरंग नगर स्थित घर पर गया तो घर के दरवाजे खुले हुए पड़े थे। बहन को आवाज देने पर कोई जवाब नहीं आया तो वह अंदर गया और देखकर हैरान रह गया कि। घर के सारे दरवाजे खुले पड़े थे और कमरों में रखा सामान बिखरा हुआ था। किसी अनहोनी के अंदेशे के चलते जब वह बहन के कमरे में दाखिल हुआ तो वह फर्श पर पड़ी हुई थी। उसके हाथ पैर बंधे हुए थे। लगा कि किसी ने उसे बंधक बनाकर घर को लूट लिया है, लेकिन जब उसे हिलाकर उठाना चाहा तो वह नहीं उठी। नब्ज जांचने पर पता चला कि वह मर चुकी है।

डिब्बे में बंद थी बेटे की लाश

मुकेश ने पुलिस को बताया कि बहन को मरा हुआ देख वह दशहत में आ गया। इसके बाद उसने अपने भांजे रोहित को आवाज दी, लेकिन उसका कोई जवाब नहीं आया। इसी बीच उसकी नजर कमरे में बड़े एक बॉक्स पर गई और जब खोलकर देखा तो उसका कलेजा मुंह को आ गया। डब्बे में रोहित की लाश पड़ी थी। हत्यारों ने उसके भी हाथ-पैर बांधकर निर्ममता से उसे मार डाला था।

जांच में सामने आई रंजिश

हत्या की सूचना मिलते ही मौके पर पहुची ने जब लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि मृतक महिला ने पड़ोसियों को बताया था कि संजय नगर कोटा निवासी टीपू सुल्तान और कपिल उसके पति शिवा से रंजिश मान चुके हैं और कई बार उसे मारने की धमकी भी दे चुके हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि हत्या में सिर्फ टीपू सुल्तान और कपिल नही नहीं और भी लोग शामिल थे।

तीन राज्यों में चली तफ्तीश

मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस धीरे-धीरे हत्यारों के करीब जा पहुंची। पुलिस उस वक्त हैरान रह गई जब इस गैंगरेप और दोहरे हत्याकांड के तार तीन राज्यों से जाकर जुड़ने लगे। जांच के दौरान पुलिस के हाथ सबूत लगे कि तमिलनाडु के आसनून उल्दूरपेटे निवासी 19 वर्षीय गोविंद राजा, उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का रहने वाला 22 साल का इस्लाम खान उर्फ इमरान और 22 साल के कोटा निवासी युवक टीपू सुल्तान उर्फ आबिद ने इस गैंगरेप और दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया है।

बेटे के सामने ही किया मां से गैंग रेप

पुलिस जांच और आरोपियों से पूछताछ के बाद खुलासा हुआ कि मां-बेटे को उनके घर में ही निर्ममता से मौत के घाट उतारने से पहले तीनों आरोपियों ने मासूम बेटे के सामने ही उसकी मां से गैंग रेप किया था। इसके बाद दोनों के हाथ पैर बांध कर मौत के घाट उतार दिया।

कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

उद्योग नगर थानाधिकारी लोकेंद्र पालीवाल ने बताया कि इस मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या, लूट और गैंगरेप के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। 35 गवाहों के अदालत में बयान करवाए गए। मामला गंभीर होने के कारण इसे केस ऑफिसर स्क्रीन में लिया गया था। सुनवाई पूरी होने के बाद मंगलवार को कोटा की एससी-एसटी कोर्ट के न्यायाधीश ने इसे जघन्य अपराध मानते हुए तीनों आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई है। सजा सुनाने के बाद तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।

Updated on:
07 Nov 2017 07:46 pm
Published on:
07 Nov 2017 07:09 pm