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कोटा में दिवाली पर दर्दनाक हादसा: बालकनी से सिर के बल गिरा मासूम, मौत; खोपड़ी की हड्डियां टूटीं

कोटा में धनतेरस की रात बालकनी से गिरने से ढाई साल के बच्चे की मौत हो गई। खेलते समय बच्चा रेलिंग पर चढ़ा और संतुलन बिगड़ने से सिर के बल नीचे गिर गया। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
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Updated: 7 Nov 2026, 5:10 PM IST
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मृतक अर्णित उर्फ शिवाय (पत्रिका फोटो)

Kota Child Death: राजस्थान के कोटा में धनतेरस की रात एक दर्दनाक हादसे में ढाई साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई। बच्चा घर की बालकनी में खेल रहा था। इसी दौरान वह रेलिंग पर चढ़कर नीचे देखने लगा और अचानक संतुलन बिगड़ने से सिर के बल नीचे गिर गया। हादसे के बाद परिजन उसे तत्काल निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां करीब तीन घंटे तक उसका इलाज चला। गंभीर चोटों के कारण देर रात बच्चे ने दम तोड़ दिया। त्योहार की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं।

मृतक बच्चे की पहचान महावीर नगर एक्सटेंशन स्कीम निवासी हर्षित गौतम के ढाई साल के बेटे अर्णित उर्फ शिवाय के रूप में हुई है। बच्चे के पिता पेशे से वकील हैं, जबकि मां गृहिणी हैं। उसकी एक बड़ी बहन भी है। मासूम की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।

मां जला रही थी दीये, बालकनी में खेल रहा था बच्चा

डॉ. मोहित गौतम ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 8 बजे उनका भतीजा अर्णित उर्फ शिवाय घर की बालकनी में खेल रहा था। उस समय उसकी मां घर में दीपावली के त्योहार के लिए दीये जला रही थी। इसी दौरान खेलते-खेलते बच्चा बालकनी की रेलिंग पर चढ़ गया और नीचे की ओर देखने लगा।

अचानक संतुलन बिगड़ने से बच्चा बालकनी से नीचे गिर गया। उसके गिरने के बाद रोने की आवाज सुनकर मां और परिवार के अन्य सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे। बच्चे को गंभीर हालत में देखकर परिजन घबरा गए और बिना देरी किए उसे इलाज के लिए कॉमर्स कॉलेज चौराहे के पास स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे।

तीन घंटे तक चला इलाज, सिर में आई थीं गंभीर चोटें

अस्पताल में चिकित्सकों ने बच्चे का उपचार शुरू किया, लेकिन उसकी हालत बेहद गंभीर थी। करीब तीन घंटे तक इलाज चलने के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। देर रात करीब 12 बजे चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।

न्यूरो सर्जन डॉ. मामराज अग्रवाल के अनुसार, बच्चा सिर के बल नीचे गिरा था। सिर जमीन से टकराने के कारण उसकी खोपड़ी की कई हड्डियां टूट गई थीं। इसके साथ ही मस्तिष्क को भी गंभीर नुकसान पहुंचा था। बच्चे को अंदरूनी चोटें आई थीं, जिसके चलते उसकी स्थिति बेहद नाजुक हो गई थी।

परिजन नहीं चाहते थे कानूनी कार्रवाई, बिना पोस्टमॉर्टम सौंपा शव

महावीर नगर थाना अधिकारी हरेंद्र सौदा ने बताया कि हादसा घर पर ही हुआ था। बालकनी से गिरने के बाद बच्चे को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजन इस मामले में किसी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते थे। ऐसे में आवश्यक प्रक्रिया के बाद बिना पोस्टमॉर्टम बच्चे का शव परिजनों को सौंप दिया गया।

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7 Nov 2026, 5:10 PM IST
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