
सफर को सुहाना बनाने के लिए रेलवे ट्रेनों की साफ-सफाई और उनके रखरखाव खासा जोर दे रहा है। मुसाफिरों को किसी तरह की कोई परेशानी ना हो इसके लिए 16 अगस्त से 31 अगस्त के बीच स्वच्छता पखवाड़ा चलाया गया। इस दौरान रेलगाड़ियों में सफाई की स्थिति का मूल्यांकन भी किया गया। जिसमें कोटा इंदौर इंटरसिटी एक्सप्रेस अव्वल रही।
पश्चिम मध्य रेलवे में 16 अगस्त से चल रहे स्वच्छता पखवाड़े का गुरुवार को समापन हो गया। इस दौरान पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा, जबलपुर और भोपाल तीनों मंडलों के स्टेशनों एवं टे्रनों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया। विभिन्न स्टेशनों पर स्वच्छता एवं साफ -सफाई की मॉनीटरिंग के लिए अलग-अलग अधिकारियों को नामित किया गया। पखवाड़े के दौरान टे्रनों के रखरखाव की भी जांच की गई। इसमें कोटा में कोटा-इंदौर-कोटा इंटरसिटी एक्सप्रेस अव्वल रही। वहीं भोपाल मंडल में जनशताब्दी एक्सप्रेस अव्वल रही।
290 बार हुई जांच तब मिला तमगा
स्वच्छता पखवाड़े के दौरान रेलगाड़ियों में और रेलव स्टेशन पर साफ-सफाई के हालात जांचने के लिए 141 अधिकारियों ने1326 निरीक्षण किए। 290 बार ट्रेनों की जांच करने के बाद उनकी मॉनीटरिंग रिपोर्ट जारी कई गई। जिसमें कोटा इंदौर एक्सप्रेस ने पहला स्थान हासिल किया। इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए 2111 यात्रियों से बातचीत की गई और 560 यात्रियों से लिखित फीडबैक भी लिए गए। इन फीडबैक और स्थलीय निरीक्षण के बाद ट्रेनों की स्वच्छता मैरिट तैयार की गई।
जारी रहेगी कोशिशें
पश्चिम मध्य रेलवे की सीपीओ गुंजन गुप्ता रेलवे प्रशासन ट्रेन और स्टेशन को चमकाने के लिए आगे भी कोशिशें जारी रखेगा। स्वच्छता पखवाड़े के दौरान ट्रेन और स्टेशन पर साफ-सफाई का रेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने गहन निरीक्षण किया और रैक दी। साफ-सफाई के आधार पर कोटा मंडल की कोटा-इंदौर इंटरसिटी एक्सप्रेस के रैक को सर्वोत्तम रैक घोषित किया गया।