
Kota Monsoon Rain: राजस्थान में मानसून की सुस्ती के बाद एक बार फिर मौसम विभाग की भविष्यवाणी सच साबित होती दिख रही है। कोटा शहर सहित इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में मौसम ने अचानक करवट बदली है और झमाझम बारिश हुई। कोटा शहर, कैथून कस्बे और खेड़ारामपुर क्षेत्र में हुई इस जोरदार बारिश ने जहां आम लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत दी है। वहीं, क्षेत्र के अन्नदाताओं के चेहरों पर भी मुस्कान लौटा दी है।
ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ कोटा शहर में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। दोपहर के समय शहर के आसमान में अचानक काले घने बादल छा गए और देखते ही देखते झमाझम बारिश शुरू हो गई। शहर के विभिन्न इलाकों में करीब आधे घंटे तक हुई इस बारिश ने पूरे शहर को तरबतर कर दिया। आधे घंटे की इस तेज बारिश से शहर के निचले इलाकों और प्रमुख सड़कों पर पानी जमा हो गया, जिससे वाहन चालकों को थोड़ी परेशानी का सामना जरूर करना पड़ा, लेकिन लंबे समय से पड़ रही उमस भरी गर्मी से शहरवासियों को बड़ी राहत मिली है।
कोटा जिले के खेड़ारामपुर क्षेत्र में भी दोपहर के समय तेज बारिश का दौर देखने को मिला। यहां लगभग 15 मिनट तक हुई झमाझम बारिश ने पूरे इलाके को भिगो दिया। सड़कों पर पानी बहने लगा और मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया।
वहीं, जिले के कैथून क्षेत्र में बारिश का असर सबसे अधिक देखा गया। कैथून कस्बे में दोपहर ठीक दो बजे आसमान में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ झमाझम बरसात का सिलसिला शुरू हुआ, जो करीब एक घंटे तक जारी रहा। एक घंटे की इस जोरदार बारिश से कस्बे के मुख्य मार्गों, चौराहों और बाजारों में पानी जमा हो गया। बारिश के कारण कस्बे की सड़कें पूरी तरह गीली हो चुकी हैं और नालियों व रास्तों में पानी का बहाव तेज हो गया है।
बारिश का सबसे ज्यादा फायदा कृषि क्षेत्र को होने जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से बारिश न होने के कारण खेतों में खड़ी खरीफ की फसलें सूखने की कगार पर पहुंच रही थीं। किसान सिंचाई को लेकर बेहद चिंतित थे। ऐसे समय में हुई यह झमाझम बरसात फसलों के लिए किसी अमृत से कम नहीं है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर ने राजस्थान के कई हिस्सों के लिए एक तात्कालिक मौसम चेतावनी जारी की है। विभाग द्वारा 17 जुलाई 2026 को शाम 4:15 बजे जारी बुलेटिन के अनुसार, राज्य के कई जिलों में आगामी 3 घंटों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
सीकर, कोटपूतली-बहरोड़, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, दौसा, करौली, टोंक, सवाई माधोपुर, बूंदी, कोटा, झालावाड़, बारां, झुंझुनूं, खैरथल-तिजारा और आसपास के क्षेत्र।
मौसम केंद्र के अनुसार, उपर्युक्त जिलों और उनके आसपास के इलाकों में कहीं-कहीं हल्के से मध्यम दर्जे की मेघगर्जन होने की संभावना है। इसके साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से अचानक तेज हवाएं चल सकती हैं और हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।
हालांकि, मौसम विभाग ने इस मौसम का कोई विशेष गंभीर प्रभाव नहीं बताया है। फिर भी सुरक्षा के लिहाज से आमजन के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव जारी किए गए हैं। मेघगर्जन या आकाशीय बिजली चमकने के समय भूलकर भी पेड़ों के नीचे शरण न लें। मौसम खराब होने की स्थिति में जल्द से जल्द किसी सुरक्षित स्थान के नीचे चले जाएं। बाकी पश्चिमी और दक्षिणी राजस्थान के हिस्सों (जैसे जैसलमेर, बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर आदि) में फिलहाल मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है और वहां कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।