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Kota Weather: कोटा में पिछले साल जून में बारिश से बहे थे झरने, इस बार उमस और इंतजार ने बढ़ाई परेशानी

Kota Monsoon Update: कोटा शहर में जून माह के 24 दिन गुजरने के बावजूद अब तक केवल 64.1 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में शहर में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई थी।
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Updated: 24 Jun 2026, 9:18 PM IST
Rain 2026
बारिश। फाइल फोटो पत्रिका

कोटा। इस बार मानसून की रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है। कोटा शहर में जून माह के 24 दिन गुजरने के बावजूद अब तक केवल 64.1 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में शहर में रिकॉर्ड तोड़ बारिश हुई थी। मानसून की इस सुस्ती के पीछे अल नीनो प्रभाव को प्रमुख कारण माना जा रहा है।

दरअसल, वर्ष 2025 में कोटा में मानसून सामान्य से करीब सात दिन पहले 16 जून को पहुंच गया था और शुरुआती दिनों में ही जोरदार बारिश दर्ज की गई थी। जून माह में 27 जून तक ही 322.8 एमएम बारिश हो चुकी थी, जो सामान्य वार्षिक वर्षा 732 एमएम का करीब 45 प्रतिशत थी। यह पिछले 75 वर्षों में जून माह की दूसरी सर्वाधिक वर्षा मानी गई थी। इससे पहले वर्ष 2010 में जून में 351 एमएम बारिश दर्ज हुई थी।

लगातार अच्छी बारिश के चलते शहर और आसपास के पिकनिक स्थलों पर झरने बह निकले थे। नदियों, तालाबों और बांधों में पानी की आवक बढ़ गई थी। स्थिति यह रही कि कोटा बैराज के दो गेट खोलकर करीब 12 हजार 300 क्यूसेक पानी की निकासी करनी पड़ी थी। पानी का स्तर बढ़ने से खड़े गणेश मंदिर परिसर तक पानी पहुंच गया था।

उमस भरी गर्मी से परेशान

इसके विपरीत इस वर्ष मानसून की धीमी शुरुआत के कारण शहर में उमस भरी गर्मी का असर बना हुआ है। बारिश नहीं होने से लोगों को गर्मी और चिपचिपे मौसम का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को भी कोटा शहर में दिनभर गर्मी व उमस का वातावरण बना रहा। शाम को मौसम में बदलाव आया और काले व घने बादल छाए, लेकिन बरसे नहीं। धूल भरी आंधी चलने वाहन चालक खासे परेशान नजर आए। कोटा का अधिकतम तापमान 38.8 व न्यूनतम तापमान 27.7 डिग्री सेल्सियस रहा।

इनका यह कहना

मौसम विभाग का कहना है कि प्री-मानसून की गतिविधियां जारी रहेंगी। इसको लेकर आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वी व मध्य भारत के कुछ भागों में मानसून पिछले 48 घंटों में पुन: सक्रिय होकर आगे बढ़ा है। वर्तमान में मानसून की उत्तरी रेखा महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार राज्यों से होकर गुजर रही है।

आगामी 5 से 7 दिन में मानसून के सक्रिय होने तथा पूर्वी व मध्य भारत के कुछ और भागों से होकर आगे की ओर बढ़ने के लिए गतिविधियां अनुकूल है। पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में जून आखिर में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। जुलाई के प्रथम सप्ताह में राज्य के कई भागों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है।

Updated on:
24 Jun 2026, 9:18 PM IST
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