कोटा

Rajasthan News : एक ‘बकरे’ की वजह से एक ही परिवार के 12 सदस्यों को उम्रकैद, जानें क्या है ये ‘ऐतिहासिक फैसला’?

करीब साढ़े सात साल पहले एक 'बकरे' को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद जिस खूनी खेल में तब्दील हुआ था, उसका अंत अब जेल की कालकोठरी में हुआ है। कोर्ट ने एक साथ 12 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाकर साफ संदेश दिया है कि कानून की नजर से कोई बच नहीं सकता।
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Apr 03, 2026
rajasthan kota news
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राजस्थान की कोचिंग सिटी और औद्योगिक नगरी कोटा से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। कोटा की अतिरिक्त सत्र न्यायालय (महिला उत्पीड़न प्रकरण क्रम-1) की न्यायाधीश श्वेता शर्मा ने इस्तियाक हुसैन उर्फ गुड्डू की हत्या के मामले में फैसला सुनाते हुए सभी 12 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला इसलिए भी दुर्लभ है क्योंकि इसमें सजा पाने वालों में दो महिलाएं भी शामिल हैं और सभी दोषियों पर आर्थिक दंड भी लगाया गया है।

31 अगस्त 2018: वो खूनी रात...

घटना कोटा के उद्योग नगर थाना क्षेत्र की बॉम्बे योजना कॉलोनी की है। विवाद की शुरुआत महज एक बकरे की खरीद-बिक्री के विवाद से हुई थी। 31 अगस्त 2018 की दोपहर में मृतक के मामा अब्दुल अजीज और पड़ोसी रमजानी के बीच झगड़ा हुआ था। उसी रात करीब 8:30 बजे जब इस्तियाक हुसैन (गुड्डू) अपने मामा के घर गया, तभी घात लगाकर बैठे आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया।

चाकू और लाठियों से ताबड़तोड़ हमला

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, रमजानी मोहम्मद, उसका बेटा मुख्तार और अन्य करीब 15-20 लोग हाथों में चाकू, धारदार हथियार और लकड़ियां लेकर आए थे। जहीर, शाहरुख और मुबारक ने इस्तियाक पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार किए। इस हमले में इस्तियाक बुरी तरह जख्मी हो गया और अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ दिया।

25 गवाह और 106 सबूतों ने तय किया अंजाम

इस हाई-प्रोफाइल केस को सुलझाने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए अभियोजन पक्ष ने कड़ी मेहनत की। कोर्ट के सामने:

  • 25 गवाह पेश किए गए जिन्होंने घटना की आंखों देखी तस्दीक की।
  • 106 दस्तावेजी और भौतिक सबूत प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने वारदात की कड़ियां जोड़ीं। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना कि यह एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या थी।

उम्रकैद और अर्थदंड: सजा की पूरी लिस्ट

कोर्ट ने बॉम्बे योजना और लाडपुरा क्षेत्र के रहने वाले इन 12 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी:

  • प्रमुख दोषी: मुबारक अली, रमजानी मोहम्मद, सद्दाम खान, जहीर खान, मुस्ताक उर्फ भूरू, मुख्तार मोहम्मद, नईमुद्दीन उर्फ शोएब, शाहदत उर्फ भय्यू और शाहरुख।
  • महिला दोषी: फरजाना और शाहिन खानम को भी उम्रकैद की सजा मिली है।
  • जुर्माना: सभी पर 13-13 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

राजस्थान की कानून व्यवस्था पर बड़ा संदेश

राजस्थान में इस फैसले को एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। छोटी-छोटी बातों पर हिंसक होने वाले और कानून को हाथ में लेने वाले तत्वों के लिए यह फैसला एक सबक है। कोटा में एक साथ 12 लोगों को उम्रकैद मिलना यह साबित करता है कि साक्ष्यों के आधार पर न्याय प्रणाली कितनी सशक्त है।

Updated on:
03 Apr 2026 02:05 pm
Published on:
03 Apr 2026 02:05 pm