
कोटा। जिले की बहुप्रतीक्षित नॉर्दर्न बाईपास परियोजना ने अब रफ्तार पकड़ ली है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गामछ से बल्लोप तक बनने वाले द्वितीय चरण में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। निर्माण एजेंसी सड़क के लिए मिट्टी भराव, पुलिया निर्माण और अन्य आधारभूत कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करने में जुटी है। परियोजना पूरी होने के बाद बल्लोप से झालीपुरा के बीच की दूरी करीब 18 किलोमीटर कम हो जाएगी। इससे यात्रियों को समय और ईंधन दोनों की बचत होगी, वहीं कोटा शहर को भारी वाहनों के दबाव और जाम की समस्या से भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
सार्वजनिक निर्माण विभाग (राष्ट्रीय राजमार्ग विंग) की ओर से बनाई जा रही इस परियोजना के दूसरे चरण में गामछ से बल्लोप तक करीब 12.9 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए लगभग 57 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। दूसरी ओर, कोटा-बारां रोड पर झालीपुरा से केशवरायपाटन रोड स्थित गामछ तक लगभग 14.2 किलोमीटर लंबे नॉर्दर्न बाईपास के पहले चरण का निर्माण कार्य भी दोबारा शुरू हो चुका है।
परियोजना के निर्माण में सबसे बड़ी बाधा भूमि अधिग्रहण रही। लंबे समय तक भूमि अवाप्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं होने और विभागीय स्तर पर प्रशासनिक अड़चनों के कारण काम प्रभावित होता रहा। दूसरे चरण का कार्य नवंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन देरी के चलते समयसीमा पूरी नहीं हो सकी। अब सभी प्रमुख बाधाएं दूर होने के बाद निर्माण कार्य को तेज गति से आगे बढ़ाया जा रहा है।
नॉर्दर्न बाईपास के तैयार होने से वर्तमान में लगभग 45 किलोमीटर की बल्लोप-झालीपुरा दूरी घटकर करीब 27 किलोमीटर रह जाएगी। इससे करीब 18 किलोमीटर का सफर कम होगा और परिवहन लागत में भी कमी आएगी। विशेष रूप से मालवाहक वाहनों और लंबी दूरी के यातायात को शहर के भीतर प्रवेश किए बिना वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा।
स्थानीय लोगों का मानना है कि बाईपास बनने के बाद कोटा शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव कम होगा, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी आएगी। साथ ही क्षेत्र में व्यापार, परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की संभावना है। निर्माण कार्य में तेजी आने से लोगों को उम्मीद है कि यह महत्वपूर्ण परियोजना जल्द पूरी होकर आमजन को इसका लाभ मिलना शुरू होगा।