
कोटा: त्योहारी सीजन में यात्रियों की बढ़ती भीड़ और आवागमन को देखते हुए पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में यात्री सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने इस बार आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के साथ दो नई पहल की हैं। इसके तहत आरपीएफ जवानों के लिए 100 बॉडी वॉर्न कैमरे और यात्रियों तक तत्काल सूचनाएं पहुंचाने के लिए 60 पोर्टेबल पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम (नेकबैंड माइक) उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा मंडल में 400 आरपीएफ जवानों और 60 होमगार्ड जवानों की तैनाती कर सुरक्षा व्यवस्था संभाली जा रही है।
त्योहारी सीजन में यात्रियों की सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। बॉडी वॉर्न कैमरे और नेकबैंड माइक का उपयोग सुरक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ ही यात्रियों को समय पर आवश्यक सूचनाएं देने में किया जाएगा।
वर्दी पर लगाए जाने वाले 100 बॉडी वॉर्न कैमरों से आरपीएफ जवानों की ड्यूटी के दौरान होने वाली गतिविधियों की रिकॉर्डिंग की जा सकेगी। इससे सुरक्षा कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने में मदद मिलेगी। वहीं, 60 नेकबैंड माइक के जरिए प्लेटफॉर्म, प्रवेश-निकास द्वार और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर यात्रियों को सुरक्षा निर्देश दिए जाएंगे। इससे भीड़ नियंत्रण और यात्रियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत पूरे मंडल में 840 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। इनमें 65 कैमरे कोटा जंक्शन पर स्थापित हैं। विभिन्न स्टेशनों पर ड्रोन से निगरानी की जा रही है, जबकि चार डॉग स्क्वॉड नियमित सुरक्षा जांच में जुटे हैं। कोटा जंक्शन पर सामान की जांच के लिए दो बैगेज स्कैनिंग मशीनें और दो मेटल डिटेक्टर मशीनें भी उपलब्ध हैं।
मंडल की 24 ट्रेनों में आरपीएफ जवान नियमित गश्त कर रहे हैं। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सादे कपड़ों में भी जवान तैनात किए गए हैं। अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष टीमें सक्रिय हैं तथा आरपीएफ कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे मंडल के वॉर रूम के साथ समन्वय कर रहा है। कोटा जंक्शन पर प्रत्येक शिफ्ट में 13 आरपीएफ जवान सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं।
त्योहारी सीजन में ट्रेनों में पटाखे, पेट्रोल, केरोसिन और अन्य ज्वलनशील पदार्थ ले जाने से रोकने के लिए विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। रेलवे ट्रैक, भवनों और रेल परिसरों के आसपास पटाखे नहीं जलाने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए 'मेरी सहेली' टीम सक्रिय है।
सौरभ जैन, सीनियर डीसीएम, कोटा रेल मंडल, कोटा ने बताया, त्योहारी सीजन में विशेष सुरक्षा व्यवस्था के तहत 400 आरपीएफ जवान और 60 होमगार्ड तैनात रहेंगे। 840 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा आरपीएफ जवानों को 100 बॉडी वॉर्न कैमरे और यात्रियों तक तत्काल सूचनाएं पहुंचाने के लिए 60 पोर्टेबल पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम (नेकबैंड माइक) भी उपलब्ध कराए गए हैं। ट्रेनों में गश्त के साथ ही 840 सीसीटीवी कैमरों से चप्पे-चप्पे पर निगरानी की जा रही है।