
कोटा। सांगोद नगरपालिका चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज करने वाले चौथमल सुमन की कहानी संघर्ष, धैर्य और लगातार प्रयास की मिसाल बन गई है। चौथमल ने दो बार चुनावी मैदान में उतरकर किस्मत आजमाई, लेकिन हर बार हार मिली। महिला सीट आने पर उन्होंने अपनी पत्नी को भी चुनाव मैदान में उतारा, फिर भी सफलता नहीं मिली। तीन बार जीत हासिल नहीं होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार लोगों के बीच सक्रिय रहे। इस बार सांगोद नगरपालिका वार्ड 23 से निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
वर्ष 2019 का चुनाव उनके संघर्ष की सबसे बड़ी तस्वीर सामने लाता है। उस समय नामांकन दाखिल करने तक के पैसे उनके पास नहीं थे। उन्होंने ठेला लेकर लोगों के बीच पहुंचकर चंदा जुटाया और नामांकन दाखिल किया। चुनाव लड़ा, लेकिन परिणाम उनके पक्ष में नहीं आया। हार के बाद भी उन्होंने राजनीतिक सक्रियता नहीं छोड़ी और क्षेत्र के लोगों से लगातार संपर्क बनाए रखा। वह परिवार की आजीविका के लिए नल कनेक्शन लगाने व जलापूर्ति लाइनों की मरम्मत का काम करता है। कई बार काम नहीं मिलता तो परिवार का पेट पालने के लिए मजदूरी भी करता है।
हाल ही में हुए नगरपालिका चुनाव में चौथमल ने चौथी बार चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया। इस बार मतदाताओं ने उनके संघर्ष और धैर्य का साथ दिया। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस दोनों के प्रत्याशियों को शिकस्त देकर जीत दर्ज की। चौथमल ने कहा, उनकी जीत ने यह साबित कर दिया कि लगातार प्रयास और धैर्य के सामने हार भी आखिरकार रास्ता छोड़ देती है।
इधर, राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार नगर निकाय आम चुनाव-2026 में वार्ड पार्षद का चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों को अपने निर्वाचन व्यय का लेखा चुनाव परिणाम घोषणा के 15 दिवस के भीतर संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी अथवा उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी को प्रस्तुत करना होगा। यह ब्यौरा राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान सिआम में सुबह 11 से शाम 4 बजे तक प्रभारी अधिकारी, निर्वाचन व्यय लेखा प्रकोष्ठ को प्रस्तुत करना होगा। निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों को निर्वाचन व्यय के अंतर्गत वाहन किराया, लाउडस्पीकर, पम्पलेट/पोस्टर एवं अन्य व्यय पर किए गए खर्च का लेखा निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत करना होगा।