
कोटा . एमबीएस अस्पताल प्रशासन की लापरवाही यहां भर्ती मरीजों पर भारी पड़ सकती है। वार्डों में मरीजों पर संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। कई बेड के गद्दे फ टे हैं तथा कई जगह चादरें गंदी व फटी हैं। मरीज व तीमारदार भले ही अनजान हों, लेकिन अस्पताल प्रशासन इस संक्रमण के खतरे ये अच्छी तरह वाकिफ है, इसके बावजूद पुख्ता प्रयास नहीं हो रहे।
'राजस्थान पत्रिका' ने एमबीएस अस्पताल में कई वार्डों का जायजा लिया तो हालात बेहद चिंताजनक नजर आए।
यूं होता है संक्रमण
एक बेड पर एक मरीज के डिस्चार्ज होने के बाद दूसरा भर्ती होता है। ऐसे में पहले वाले मरीज की बीमारी से संबंधित बैक्टीरिया इन बेडस के फ टे गद्दों आदि में मौजूद रहते हैं। इसी बेड पर दूसरे मरीज के भर्ती हो जाने पर उसे संक्रमण का खतरा बना रहता है।
फट रहे गद्दे
अस्पताल के मेल न्यूरो वार्ड का जायजा लिया तो यहां पर गद्दे फटे थे और उन पर रोगी लेटे हुए थे। लोगों को ये फटे हुए गद्दे नजर नहीं आएं इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने उसे रेग्जीन के कपड़े से ढक रखा था। संवाददाता ने जैसे ही चादर को हटाकरदेखा तो गद्दा फटा था और उसकी फॉम बाहर निकली हुई थी।
नहीं होती सफाई
अस्पताल में वार्ड में तो सफाई-व्यवस्था का ध्यान रखा जाता है, लेकिन गैलेरी में गंदगी पसरी है जबकि यहां भी रोगियों का उपचार होता है। कहीं तो शौचालय के बाहर तक बैड लगाकर रोगियों का इलाज किया जा रहा था।
बिछी हैं गंदी चादर
पलंगों पर बिछाई गई चादर की हालत भी कोई अच्छी नहीं थी। मरीजों ने बताया कि इन्हें कई दिन तक नहीं बदला जाता है। गंदी चादरों पर ही रोगी लेटे रहते हैं। मेल मेडिकल वार्ड में भर्ती तीमारदार ने बताया कि उसके रोगी के पलंग पर दो दिन से एक ही चादर बिछी है। नर्सिग स्टाफ को भी बता दिया, फिर भी बदला नहीं गया।