Education Minister Madan Dilawar: स्कूलों में पढ़ने वाले और प्रवेश लेने वाले बच्चों के अर्थहीन नामों को बदलने और संशाेधित करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग की ओर से जारी की गई 2900 नामाें की सूची विवादों में आ गई है।
Sarthak Name Abhiyan: अर्थहीन और अटपटे नामों को बदलने के लिए शिक्षा मंत्री कार्यालय की ओर से तैयार की गई सूची में ही अजीबोगरीब नाम सामने आए हैं। विभाग की हास्यास्पद कारगुजारी वाली सूची में गलतियों की भरमार भी हैं। सामान्य हिंदी शब्द भी गलत लिखे गए हैं। सार्थक नामों की सूची में भयंकर, भिक्षा, मक्खी, दहीभाई, अहंकार, अहित, बेचारादास जैसे नाम सामने आए हैं। सूची में जारी किए नामों में जेंडर की भी गलतियां हैं।
स्कूलों में पढ़ने वाले और प्रवेश लेने वाले बच्चों के अर्थहीन नामों को बदलने और संशोधित करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग की ओर से जारी की गई 2900 नामों की सूची विवादों में आ गई है। जारी की गई सूची में ही कई ऐसे विवादित नाम सामने आ गए, जिन पर खुद अभिभावक संघों ने आपत्ति जता दी। दरअसल, यह सूची शिक्षा मंत्री कार्यालय की ओर से एआई की मदद से तैयार की गई थी, लेकिन पर्याप्त मानवीय समीक्षा और सांस्कृतिक परख के अभाव में कई नामों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
विवाद होने के बाद विभाग बैकफुट पर आ गया है। अब तर्क दिया जा रहा है कि सूची अधिकृत नहीं है । इसे प्राथमिक तौर पर तैयार किया गया है, जिसमें आगे विशेषज्ञों की राय लेकर संशोधन किया जाएगा । गौरतलब है कि स्कूली बच्चों के व्यक्तित्व और आत्मविश्वास को मजबूत बनाने के लिए शिक्षा विभाग ‘सार्थक नाम’ अभियान शुरू कर रहा है ।
इसके तहत विद्यार्थियों के नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके लिए विभाग के संयुक्त शासन सचिव की ओर से जारी आदेश के साथ छात्रों के 1409 और छात्राओं के 1541 ऐसे सार्थक नामों की सूची अर्थ सहित जारी की गई थी । दावा किया गया था कि ये नाम राजस्थानी संस्कृति और परंपरा के अनुरूप हैं तथा समाज में सकारात्मक संदेश देने वाले माने जाते हैं।
इस मामले में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का कहना है कि यह सूची अधिकृत नहीं थी। सैंपल के तौर पर तैयार करवाई गई थी। इसे संशोधित किया जाएगा।