Indian Railways: इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के लिए वैकल्पिक विषय के रूप में ’रेलवे एडवांस सिग्नलिंग और कवच’ पर पाठ्यक्रम उपलब्ध होगा। इंजीनियरिंग करने वाला कोई भी स्टूडेंट इसे अपने कोर्स के साथ ही कर सकेगा।
Kota News: कोटा। आरटीयू कोटा इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को भारतीय रेलवे के अत्याधुनिक पीजी डिप्लोमा, सर्टिफिकेट कोर्स और प्रशिक्षण के नवीन पाठ्यक्रमों की सौगात देने जा रहा है। इसके साथ ही भारतीय रेलवे के नए पाठ्यक्रम शुरू कर शिक्षक व स्टूडेंट्स को रेलवे के क्षेत्र में प्रशिक्षण व रिसर्च के अवसर भी प्रदान करेगा।
आरटीयू के सह जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि इस नवाचार को मूर्त रूप देते हुए आरटीयू कुलपति प्रो. एसके सिंह और भारतीय रेलवे सिग्नल इंजीनियरिंग और दूरसंचार संस्थान के महानिदेशक शरद श्रीवास्तव के मध्य समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। इससे दोनों संस्थानों ने बीटेक कार्यक्रमों में रेलवे सिग्नलिंग और स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (एटीपी) प्रणाली-कवच पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए आपसी सहमति जताई।
इस एमओयू के तहत इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के लिए वैकल्पिक विषय के रूप में ’रेलवे एडवांस सिग्नलिंग और कवच’ पर पाठ्यक्रम उपलब्ध होगा। इंजीनियरिंग करने वाला कोई भी स्टूडेंट इसे अपने कोर्स के साथ ही कर सकेगा। इस एमओयू का फायदा कप्यूटर साइंस, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कयुनिकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स इन आईओटी, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल के स्टूडेंट्स को मिलेगा। जिनके लिए रेलवे के एडवांस सिग्नलिंग और कवच पर ऑप्शनल कोर्स शुरू किए जाएंगे। यह कोर्स 6 महीने से लेकर 2 साल का होगा। इसके तहत दोनों संस्थान ’कवच’ प्रणाली में रिसर्च और डेवलपमेंट में भी सहयोग करेंगे।
इस अवसर पर कुलसचिव धीरज सोनी, प्रो. दिनेश बिरला, डीन फैकल्टी अफेयर्स, आईआईआईआर एंड आईआर के डीन प्रो. वीके गोराना और एसोसिएट डीन डॉ. बीएल गुप्ता, पीआरओ डॉ. एसडी पुरोहित, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट इंचार्ज डॉ. मनीष चतुर्वेदी ने भी सहयोग किया।