
कोटा. mukundara hills tiger reserve मृत बाघिन एमटी-2 (MT-2) के बीमार चल रहे शावक की स्थिति में गत दो दिनों से लगातार सुधार देखा जा रहा है। इसको पडऩे वाले दौरे बंद हो गए हैं। सोमवार को लगातार दूसरे दिन शावक को दौरे नहीं पड़े। गत सप्ताह मंगलवार को इसे जंगल से चिडिय़ाघर में लाया गया था, तब इसकी स्थिति काफी नाजुक बनी हुई थी। इसे बार बार मिर्गी जैसे दौरे पड़ रहे थे, और ठीक से दिमाग भी काम नहीं कर पा रहा था।
शावक का इलाज कर रहे डॉ राजीव गर्ग के अनुसार सोमवार को स्थिति में काफी सुधार देखा गया। सोमवार को इसने खुद भी आहार लिया। अभी तक इसे हाथों से आहार देना पड़ रहा था। खुद के शरीर को चाटने लगा है। इस लक्षण को स्वास्थ्य में सुधार की दृष्टि से देखा जाता है। यह गुर्राया भी है। इससे लग रहा है कि दिमाग अब कार्य करने लगा है। इसके स्वास्थ्य सम्बन्धित जानकारी के लिए निजी लैब में जांच के लिए दिल्ली सेंपल भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने पर स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी।
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गौरतलब है कि गत सोमवार को 3 अगस्त को बाघिन एमटी-2 जंगल में मृत मिली थी, इसके बाद में उसके दो शावकों में से एक घायल अवस्था में मिला था। जिसका इलाज यहां किया जा रहा है। डॉ. राजीव गर्ग के अलावा टाइगर रिजर्व के चिकित्सक तेजेन्द्र सिंह रियाड़ व डॉ. अखिलेश पांड्ये शावक का इलाज कर रहे हैं।