कोटा

पांच साल बाद जागा निगम, अवैध रूप से संचालित सामुदायिक भवन को कब्जे में ले ठोका ताला

कोटा. नगर निगम ने बुधवार को पाटनपोल क्षेत्र में पांच साल से अवैध से संचालित किए जा रहे सामुदायिक भवन को अपने कब्जे में लेकर ताला लगा दिया।
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Updated: 13 Dec 2017, 8:47 PM IST
Community Hall

नगर निगम के राजस्व अनुभाग ने बुधवार को पाटनपोल क्षेत्र में पिछले पांच साल से अवैध से संचालित किए जा रहे सामुदायिक भवन को अपने कब्जे में लेकर ताला लगा दिया है। अब निगम इसका संचालक करेगा।

पाटनपोल क्षेत्र के कुछ लोगों द्वारा निगम के सामुदायिक भवन का अवैध रूप से संचालन करने और किराया वसूल करने की निगम को काफी दिनों से शिकायत मिल रही थी। इसके चलते बुधवार को राजस्व समिति के अध्यक्ष महेश गौतम लल्ली, राजस्व अधिकारी रिंकल गुप्ता, कर निर्धारण अधिकारी दिनेश शर्मा शाम करीब चार बजे टीम के साथ सामुदायिक भवन को कब्जे में लेने के लिए पहुंचे।

इसकी जानकारी मिलते ही सामुदायिक भवन का अवैध रूप से संचालित करने वाले एकत्रित हो गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। उनका कहना था कि कांग्रेस शासन में 2013 में इस सामुदायिक भवन निर्माण हुआ था। कांग्रेस सरकार ने उन्हें इस सामुदायिक भवन को संचालित करने की जिम्मा सौंपा था, निगम ने इस संबंध में दस्तावेज मांगे तो वह नहीं दे पाए। इसके बाद टीम ने सामुदायिक भवन का ताला तोड़कर अपने कब्जे में ले लिया। लल्ली ने बताया कि सामुदायिक भवन का रंगरोगन कर निगम के माध्यम से शादी समारोह में किराये पर देने का काम शुरू किया जाएगा।

कोटड़ी में भी है एक सामुदायिक भवन

कोटड़ी में भी एक कश्यप सामुदायिक भवन है जो निगम की ही सम्पत्ती है। लेकिन निगम को अपनी ही सम्पत्ती का ध्यान नहीं यही वजह है आज वह भवन जुआरियों व शराबियों का अड्डा बन चुका है। सूरज निकलते ही वहां जुआरी और सटोरिये आना शुरू हो जाते हैं। पहले भी इस बारे में बताया जा चुका है लेकिन निगम इस पर ध्यान नहीं दे रहा।

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