कोटा शहर के स्मार्ट सिटी में शामिल होने के बाद अब बदला जाएगा शहर की जलापूर्ति का ढर्रा
कोटा . कोटा शहर के स्मार्ट सिटी में शामिल होने के बाद अब शहर की जलापूर्ति का ढर्रा भी बदला जाएगा। बरसों पुरानी पेयजल पाइप लाइनों को अमृत योजना में बदला जाएगा। इससे शहरवासियों को शुद्ध जल मिलेगा। शहर में योजना के तहत 188 किमी पाइप लाइन बिछाने का काम होगा। डीसीएम स्थित पावर हाउस परिसर में पाइप लाइनों का जखीरा पहुंच चुका है। दो साल तक पाइप लाइन बिछाने का काम होगा।
इन क्षेत्रों की बदलेंगी पाइप लाइनें
अमृत योजना में नए कोटा क्षेत्र में बसंत विहार, टीचर्स कॉलोनी, जेके कॉलोनी, गोविंद नगर व पुराने कोटा में लाड़पुरा, कैथूनीपोल, कुन्हाड़ी, कुन्हाड़ी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, बापू नगर, विकास नगर, सकतपुरा, नांता, बडग़ांव, भीममंडी, सिविल लाइन, खेडली फाटक, नयापुरा क्षेत्रों में पाइप लाइनों को बदला जाएगा।
तीन सौ ट्रक आएंगे
मैसर्स डारा कंट्रक्शन कम्पनी जोधपुर के मोहन विश्नोई ने बताया कि योजना में कोटा शहर में तीन सौ ट्रक पाइप लाइनों के पहुंचेंगे। अभी तक 56 ट्रक पहुंच चुके है। पाइप लाइनें 6.5, 13 व 14 इंची हैं।
यह है योजना
प्रधानमंत्री ने 25 जून 2015 को शहरी भारत की तस्वीर बदलने के लिए अमृत योजना शुरू की। यह योजना स्मार्ट सिटी में चयनित शहरों में लागू होगी। इसमें आमजन को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसमें जलापूर्ति, शहरी परिवहन आदि जिसमें सभी नागरिकों के जीवन में गुणात्मक वृद्धि को सके।
नए कनेक्शन भी
योजना के तहत जिन क्षेत्रों में पाइप लाइन बिछाई जाएगी। उन क्षेत्रों में नए कनेक्शन व नए मीटर भी दिए जाएंगे।
जलदाय विभाग के अधीशासी अभियंता एनके गुप्ता का कहना है कि अमृत योजना में शहर में जलापूर्ति पाइप लाइन बिछाने का काम होगा। इसके लिए 90 करोड़ के कार्यादेश जारी किए हैं। जिन क्षेत्रों में पाइप लाइन बिछाई जाएगी, वहां नए कनेक्शन व नए मीटर लगाए जाएंगे।