कोटा

₹1220 करोड़ की लागत से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे से सीधे जुड़ेगा कोटा, बालापुरा इंटरचेंज से एरोड्राम तक बनेगा फोरलेन रोड

Kota Development News: कोटा के विकास और कनेक्टिविटी को लेकर बड़ी पहल की गई है। अब शहर को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ने की तैयारी है, जिसके लिए 21.7 किलोमीटर लंबी चार लेन सड़क का प्रस्ताव भेजा गया है। इसमें करीब ₹1220 करोड़ की लागत आएगी।
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Jul 01, 2026
Kota Road
दिल्ली-मुंबई एटलैन एक्सप्रेस पर ऐसे बनेगा बालापुरा इंटरचेंज (फोटो: पत्रिका)

NHAI New Road Project: कनेक्टिविटी को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत कोटा शहर को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के बालापुरा इंटरचेंज से जोड़ने के लिए 21.7KM लंबी चार लेन रोड का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस संबंध में सड़क के अलाइनमेंट तथा अन्य आवश्यक स्वीकृतियों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से प्रस्ताव केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भेजा गया है। ये रोड बनने के बाद कोटा शहर सीधे एक्सप्रेस वे से जुड़ जाएगा।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला लंबे समय से कोटा को राष्ट्रीय परिवहन नेटवर्क से बेहतर ढंग से जोड़ने के प्रयास कर रहे हैं। उनकी पहल पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना की रूपरेखा तैयार की गई है, जिससे भविष्य में कोटा की सड़क कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी। प्रस्तावित रोड से कोटा के सीबीडी (सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट) क्षेत्र को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे के बालापुरा इंटरचेंज से जोड़ने की परिकल्पना की गई है। यदि परियोजना को स्वीकृति मिलती है तो एक्सप्रेस वे तक पहुंचने का समय वर्तमान के लगभग 45 मिनट से घटकर 15 से 20 मिनट रह जाएगा। प्रस्तावित सड़क कोटा शहर के लिए एक फीडर रूट के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे कैथून और शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने के साथ लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिल सकेगी।

ग्रीनफील्ड अलाइनमेंट पर तैयार हुआ प्रस्ताव

परियोजना पर करीब 1220 करोड़ रुपए की लागत आएगी जिमें कुल 21.7 किलोमीटर लंबाई में से लगभग 19.7 किलोमीटर हिस्सा ग्रीनफील्ड अलाइनमेंट पर प्रस्तावित है। प्रस्ताव के अनुसार करीब 6.8 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड रहेगा, जबकि लगभग 13.95 किलोमीटर सड़क जमीन स्तर पर विकसित किया जाना प्रस्तावित है।

सभी पहलुओं का ध्यान रखा

प्रस्तावित अलाइनमेंट तैयार करते समय स्थानीय आबादी और पर्यावरणीय पहलुओं का विशेष ध्यान रखा गया है। आबादी वाले क्षेत्रों पर प्रभाव कम करने के लिए कई हिस्सों में एलिवेटेड संरचना प्रस्तावित की गई है। वहीं लगभग 6.2 किलोमीटर हिस्सा वन क्षेत्र से गुजरने के कारण पर्यावरणीय पहलुओं का भी ध्यान रखा गया है।

साथ ही कृषि भूमि का न्यूनतम उपयोग हो और आमजन को कम से कम असुविधा हो, इस दृष्टि से भी योजना तैयार की गई है। करीब 1,220 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना स्वीकृति मिलने पर कोटा की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे उद्योग, पर्यटन, निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

ये होंगे फायदे

  • कोटा फल-सब्जी उत्पादन का प्रमुख केन्द्र है, यहां से ताजा सब्जियों दिल्ली-मुम्ब्ई आसानी से भेज सकेंगे।
  • उद्योगाें के लिए माल परिवहन आसान होगा, वृहद उद्योग शहर के इसी रूट से सटे हुए हैं।
  • शहरवासियों को दिल्ली-मुम्बई जाने के लिए कराडिया और मंडाना इंटरचेंज पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
  • ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट से बेहतर सड़क कनेक्टिविटी की सुविधा मिलेगी
  • भरतपुर, कोटा, उदयपुर के नए ट्यूरिज्म कोरिडोर को मजबूती मिलेगी

बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा मिलेगी

दिल्ली-मुम्बई एटलेन एक्सप्रेस वे के बालापुरा इंटरचेंज से एरोड्राम तक सीधी कनेक्टिविटी की सुविधा मिलेगी। इस प्रोजेक्ट की सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। इससे कोटा के विकास को नए आयाम मिलेगा।
ओम बिरला लोकसभा अध्यक्ष

Updated on:
01 Jul 2026 12:35 pm
Published on:
01 Jul 2026 10:03 am