22 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Kota: 6 साल से ड्यूटी पर नहीं लौटी महिला डॉक्टर, ज्वाइन करने के दूसरे दिन ही दिया छुट्टियों का आवेदन, एक्शन लेगा विभाग

Gynecologist Dr. Sunita Singhal Kota Case: कोटा जिले के सांगोद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात महिला स्त्री रोग विशेषज्ञ के 6 साल से ड्यूटी पर नहीं लौटने का मामला फिर सामने आया है। डॉक्टर ने ज्वाइन करने के अगले ही दिन छुट्टी का आवेदन दे दिया था।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कोटा

•

image

Akshita Deora

•

Updated: 29 Jun 2026, 8:16 AM IST

Sangod Community Health Center

सांगोद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (फोटो: पत्रिका)

Medical Department Will Take Action: सरकारी चिकित्सा संस्थानों में लंबे समय से बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सकों पर अब चिकित्सा विभाग सख्ती की तैयारी में है। विभाग ने जिला स्तर से ऐसे डॉक्टरों का पूरा ब्यौरा तलब किया है जो लंबे समय से बिना अनुमति सेवा से गैरहाजिर हैं। इसी क्रम में कोटा जिले के सांगोद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात एक महिला स्त्री रोग विशेषज्ञ का करीब 6 साल पुराना मामला भी एक बार फिर चर्चा में आ गया है। विभागीय स्तर पर अब इस मामले में भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

26 दिसंबर 2020 को हुई थी नियुक्ति

जानकारी के अनुसार सांगोद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्त्री रोग विशेषज्ञ के पद पर डॉ. सुनीता सिंघल की नियुक्ति 26 दिसंबर 2020 को हुई थी। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर विधिवत कार्यभार ग्रहण किया, लेकिन अगले ही दिन चाइल्ड केयर लीव (सीसीएल) के लिए आवेदन कार्यालय में जमा कर दिया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार उनका अवकाश स्वीकृत नहीं हुआ इसके बावजूद वह ड्यूटी पर वापस नहीं लौटीं। तब से लेकर अब तक उन्होंने अस्पताल में अपनी सेवाएं नहीं दी हैं।

प्रशासन ने दिए कई नोटिस

अस्पताल प्रशासन ने समय-समय पर उन्हें ड्यूटी पर लौटने के लिए कई नोटिस जारी किए। विभागीय स्तर पर भी पत्राचार किया गया, लेकिन न तो चिकित्सक ने अस्पताल में कार्यभार संभाला और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया। इसके चलते मामला वर्षों तक विभागीय फाइलों में लंबित रहा। इस दौरान अस्पताल के रिकॉर्ड में स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद भरा हुआ दिखता रहा जबकि वास्तविकता में अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं होने से महिला मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

स्थानीय स्तर पर मरीजों को प्रसूति एवं स्त्री रोग संबंधी इलाज के लिए अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ा। कई मामलों में महिलाओं को कोटा या अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर करना पड़ा। लंबे समय तक विशेषज्ञ चिकित्सक की अनुपस्थिति का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा।

चिकित्सा विभाग ने मांगा रिकॉर्ड

अब चिकित्सा विभाग ने सभी जिलों से लंबे समय से अनुपस्थित चिकित्सकों की सूची और पूरा रिकॉर्ड मांगा है। विभाग सेवा नियमों के तहत ऐसे मामलों की समीक्षा कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है। ऐसे में सांगोद का यह मामला भी दोबारा विभाग के संज्ञान में आया है और जल्द निर्णय होने की संभावना जताई जा रही है।

सांगोद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. रविकांत मीणा ने बताया कि स्त्री रोग विशेषज्ञ लंबे समय से अनुपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं तथा पूरे मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है। अब विभाग के निर्देशों के बाद इस प्रकरण में आगे की कार्रवाई उच्च स्तर पर की जाएगी।