बीए और बीकॉम जैसे कोर्स करने के लिए आने वाले समय में कॉलेज जाने की जरूरत नहीं होगी बल्कि इन कोर्सेज की पढ़ाई घर बैठे की जा सकेगी।
नई दिल्ली. कोटा . बीए और बीकॉम जैसे कोर्स करने के लिए आने वाले समय में कॉलेज जाने की जरूरत नहीं होगी बल्कि इन कोर्सेज की पढ़ाई घर बैठे की जा सकेगी। दरअसल, केंद्र एवं राज्यों की बैठक में एक प्रस्ताव पर सहमति बनी है जिसके तहत देश के शीर्ष-50 विश्वविद्यालय और संस्थानों में जल्द ही ऐसे कोर्स ऑफर करेंगे।
Read More: कोटा में खूनी संघर्ष: पहले जुबान चली फिर लाठी-सिरये और तलवारें, सिर फटे
गाइडलाइन बनने के बाद ये संस्थान ऑनलाइन माध्यम से डिप्लोमा डिग्री और सर्टिफिकेट भी दे सकेंगे। हालांकि, यह नॉन टेक्निकल कोर्स के लिए ही होगा। सेंट्रल एडवाइजरी बोर्ड ऑफ एजुकेशन (कैब) की मीटिंग में एचआरडी मिनिस्टर प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि नैक से 'ए+ या 'ए++ ग्रेड प्राप्त संस्थान ही ऐसा कर पाएंगे। हालांकि अभी इस श्रेणी में 15 फीसदी संस्थान ही आते हैं।
Read More: बोर्ड परीक्षा से पहले कोटा के विद्यार्थी देंगे एक और इम्तिहान, इसमें अव्वल रहे तो बार्ड परीक्षा करेंगे टॉप
अभी सिर्फ ऑनलाइन क्रेडिट
जावड़ेकर ने कहा कि ऑनलाइन कोर्स को विनियमित कराने के लिए मंत्रालय जल्द नियम बनाएगा। वहीं स्वयं पोर्टल से ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स करने पर अभी सिर्फ 20 फीसदी क्रेडिट ऑनलाइन भी मिलते हैं। स्वयं के तहत छह सौ ऑनलाइन कोर्स शुरू किए गए हैं, जिनमें 17 लाख लोग पढ़ रहे हैं। केंद्र जल्द ही क्रेडिट ट्रांसफर की स्कीम बढ़ाएगा।
पढ़ाई से लेकर परीक्षा तक होगी ऑनलाइन
जावड़ेकर ने कहा कि जिन कॉलेजों को नैक ने ए या प्लस की रेंकिंग दी है, वे अपने कोर्स में 15 फीसदी दाखिल ऑनलाइन कोर्स में दे सकेंगे। ये कोर्स जी मैट और जीआरई परीक्षाओं की तरह होंगे, जो पूरी तरह से त्रुटिरहित होंगे। पढ़ाई से लेकर परीक्षा तक ऑनलाइन होगी। परीक्षा तय केंद्री पर होगी। इसके लिए जल्द नियमों की घोषणा की जाएगी।