कोटा

डिजीटल पथ पर दौडेगा रेलवे

आगामी सालों में रेलवे के दफ्तर पेपरलेस हो जाएंगे। इसके लिए ई-ऑफिस और ऑनलाइन मानव संसाधन प्रबंधन तंत्र विकसित किया जा रहा है।

2 min read
Aug 13, 2017
आगामी सालों में रेलवे के दफ्तर पेपरलेस हो जाएंगे। इसके लिए ई-ऑफिस और ऑनलाइन मानव संसाधन प्रबंधन तंत्र विकसित किया जा रहा है।

कोटा. आगामी सालों में रेलवे के दफ्तर पेपरलेस हो जाएंगे। इसके लिए ई-ऑफिस और ऑनलाइन मानव संसाधन प्रबंधन तंत्र विकसित किया जा रहा है। इससे तेजी से प्रकरणों का निस्तारण होगा और दस्तावेजी सूचनाओं का आदान-प्रदान त्वरित होगा। यात्री सुविधाओं में गुणवत्ता बढ़ेगी। अभी सूचनाएं कार्मिक अलग-अलग चरण में अपडेट करते हैं, लिहाजा यात्रियों को कई बार सही जानकारी नहीं मिलती।

ट्रेन परिचालन सूचना को ही लें, अभी कई बार यह गलत हो जाती है लेकिन ऑनलाइन तंत्र विकास के साथ ट्रेन में सफर कर रहे यात्री को मोबाइल पता लग जाएगा कि उसकी जरूरत की सुविधा कहां और कैसे मिलेगी। यह भी कि आपात् स्थिति में उसे कैसे मदद मिलेगी। यात्रियों को आरक्षरण, करंट आरक्षण, टिकट बुकिंग, खानपान, रिटायरिंग रूम, उपचार, कुली जैसी अन्य सुविधाएं लेना आसान होगा।

Read More :

यात्रियों और रेलकर्मियों को विभिन्न सुविधाएं देने के लिए रेल मंत्रालय ने 'वन इनफोर्मेशन एण्ड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्मÓ (वन आईसीटी) परियोजना शुरू की है। इससे रेलवे के लिए एकल डिजिटल मंच हासिल करने की राह प्रशस्त होगी। सेवानिवृत्त रेलकर्मियों की शिकायतों के निवारण के लिए रेल क्लाउड पर पहला आईटी एप्लीकेशन शुरू भी हो गया है। मानव संसाधन प्रबंधन और ई-ऑफिस के प्रोजेक्ट पर कार्य चल रहा है।

कर्मचारियों को एेसे फायदा
-छुट्टी, वेतन, भत्तों की स्थिति तत्काल पता चलेगी।

- तबादला होने पर सर्विस रिकॉर्ड तत्काल नए दफ्तर में ट्रांसफर हो जाएगा।

- सेवानिवृत्त रेलकर्मियों को आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा।

-निजी अस्पतालों और रेलवे अधिकारियों के बीच वेब आधारित संचार प्रणाली विकसित, बिल भी ऑनलाइन।

'वन आईसीटी' में ये प्रोजेक्ट भी

ऊर्जा प्रबंधन, यात्री अनुभव, परिचालन प्रबंधन, माल परिवहन प्रबंधन, सामग्री प्रबंधन, ट्रेक एसेट प्रबंधन, इलेक्ट्रॉनिक प्रबंधन, सिग्नल एसेट प्रबंधन, रोलिंग स्टॉक प्रबंधन और सुरक्षा प्रबंधन।

किस पर कितने खर्च होंगे रुपए

142 करोड़ ई-ऑफिस पर

3.40 करोड़ मानव संसाधन प्रबंधन

53.55 करोड़ रेल क्लाउड प्रथम चरण

20 करोड़ हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम

05 साल में पूरा हो जाएगा संपूर्ण प्रोजेक्ट

ये भी पढ़ें

OMG! महिलाओं की चोटी कटने पर बन गया डीजे सॉन्ग, सुनकर हो जाएंगे नाचने को मजबूर
Also Read
View All