कोटा

ओखी के कहर से धूजने लगे लोग, सूर्यदेव भी नहीं आए बाहर, जानिए अब क्या होगा आगे

अरब सागर से चले ओखी चक्रवात के प्रकोप से कोहरा...बारिश... शीतलहर...गलन... और ठिठुरन रही इसी वजह से बुधवार को हाड़ौती अंचल में जनजीवन 'दुबका' रहा।

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Dec 06, 2017

अरब सागर से चले ओखी चक्रवात के प्रकोप से कोहरा...बारिश...शीतलहर...गलन ... और ठिठुरन रही इसी वजह से बुधवार को हाड़ौती अंचल में जनजीवन 'दुबका' रहा। मौसम के कहर से पिछले दो दिन से लोगों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त है। कभी तेज तो कभी हल्की बूंदाबांदी के साथ शीतलहर का दौर जारी है। सर्दी के कारण सुबह 6 बजे उठने वाले लोग भी 8-9 बजे तक रजाइयों में दुबके रहे। वहीं दोपहर तक बूंदाबांदी व सर्दी के कारण लोग बामुश्किल ही घरों से निकले। ऑफिस जाने व जरूरी काम से ही लोग घरों से निकले। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। गली-मोहल्लों में लोग दिन में ही अलाव तापते नजर आए। विद्यार्थी ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे।

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आगे क्या होगा

मौसम विभाग के अनुसार 7 से 10 दिसम्बर तक मौसम साफ रहेगा। बादल छट जाएंगे। गुरुवार दोपहर धूप-छांव का खेल जारी रहेगा। हालांकि बरसात होने से सर्दी का असर रहेगा। 10 दिसम्बर तक आसमान साफ रहेगा।



अलाव से सर्दी भगाने का जतन
घर व बाजारों में दिनभर लोग अलाव तापते नजर आए। कई लोगों ने लकडिय़ों की व्यवस्था नहीं होने पर कागज, पॉलीथिन, बोरियों तक को आग के हवाले कर दिया। चाय की गुमटियों पर भी चाय की चुस्कियां लेते नजर आए।

पौष में सावन सी फुहार

दो दिन से हाड़ौती में बरसात का दौर जारी है। पौष माह में सावन सी फुहारें गिर रही हैं। शहर सहित गांव-कस्बों में भी बरसात का असर देखा गया। इसके चलते दिनभर सड़कें गीली नजर आई। सूर्यदेव के दर्शन नहीं होने से लोग ठिठुरते रहे। बारिश से बचने के लिए लोग इधर-उधर बचते दिखे। स्कूली बच्चे छाता लेकर स्कूल गए। बारिश से बचाव को लोग रैन कोट पहनकर घर से निकलने।



ऊनी कपड़ों की खरीद बढ़ी
कड़ाके की सर्दी पडऩे से बाजार में ऊनी कपड़ों की खरीद भी बढ़ गई। दिनभर शहर के फुटपाथ, दुकानों, शोरूमों पर ऊनी कपड़े पसंद करते लोग दिखे। शहर में मल्टीपरपज स्कूल ग्राउंड, तलवंडी, सीएडी रोड स्थित तिब्बती मार्केट में ग्राहकों की चहल-पहल बढ़ गई।

फसलों के लिए अमृत वर्षा

पिछले दो दिन से हाड़ौती के गांव-कस्बों व शहरों में हो रही बरसात फसलों के लिए अमृत है। किसानों के लिए वरदान है। जिन किसानों ने खेतों में रबी की बुवाई कर दी, सिंचाई की तैयारी में थे, उनके खेतों में नमी बढ़ गई। जमीन गीली हो गई। ऐसे में अब किसानों को करीब 15 दिन तक सिंचाई की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। वहीं सर्दी का असर बढऩे से गेहूं, लहसुन, चना, मैथी, धनिया आदि फसलों की बढ़वार होगी।

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Published on:
06 Dec 2017 08:47 pm
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