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कोटा: राजस्थान कांग्रेस ने जेल में बंद कार्यकर्ता को बनाया उपाध्यक्ष, ‘दागी’ नेता को सौंपी महासचिव की कमान

कोटा शहर कांग्रेस की 32 सदस्यीय नई कार्यकारिणी के एलान के साथ ही विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के अनुमोदन के बाद घोषित इस टीम में गंभीर आपराधिक मामलों के आरोपियों को तरजीह दी गई है।
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Aug 02, 2026
Announcement of Kota City Congress Executive Committee
बलविंदर सिंह और देवा भड़क (पत्रिका फोटो)

Rajasthan Congress News: कोटा: नगर निगम चुनाव से पहले शनिवार को शहर कांग्रेस की नई कार्यकारिणी का एलान कर दिया गया है। नई टीम में जिलाध्यक्ष राखी गौतम समेत 32 कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है। पहले सवा सौ से अधिक कार्यकर्ताओं की जंबो कार्यकारिणी थी। प्रदेश कांग्रेस के संगठन महासचिव ललित तूनवाल ने प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के अनुमोदन के बाद नई कार्यकारिणी की घोषणा की।

कार्यकारिणी में निगम चुनाव के मद्देनजर सोशल इंजीनियरिंग का ध्यान रखा गया है। पार्टी के दिग्गज नेता अपने-अपने खेमे से जुड़े कार्यकर्ताओं को शामिल करवाने में सफल रहे। नई कार्यकारिणी में दो कार्यकर्ताओं के खिलाफ संगीन धाराओं में मामले दर्ज होने के बावजूद उन्हें पदाधिकारी बनाया गया है। इसकी राजनीतिक हलकों में खासी चर्चा हो रही है।

नई कार्यकारिणी में देवा भड़क (गुर्जर) को उपाध्यक्ष बनाया गया है। देवा फिलहाल राजकार्य में बाधा पहुंचाने और वन विभाग की टीम पर हमला करने के आरोप में जेल में बंद है। भड़क पहले भामाशाह कृषि उपज मंडी समिति का उपाध्यक्ष था। भड़क देहात की कार्यकारिणी में भी पदाधिकारी रह चुका है। पूर्व पार्षद बलविदंर सिंह बिल्लू को महासचिव बनाया गया है। बिल्लू मौजूदा कार्यकारिणी में भी उपाध्यक्ष था। बिल्लू के खिलाफ भी संगीन धाराओं में आधा दर्जन मामले दर्ज हैं।

युवाओं के साथ वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को मौका

नई टीम में युवाओं के साथ वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को भी मौका दिया है। इसमें 40 की आयु के 6 कार्यकर्ताओं मौका मिला है, जबकि 40 से 50 तक के 12 कार्यकर्ता और 50 से ऊपर के 14 वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है। जिलाध्यक्ष राखी गौतम समेत तीन महिलाएं टीम में शामिल हैं।

पांच उपाध्यक्ष बनाए

शहर की नई टीम में पांच उपाध्यक्ष बनाए गए हैं, जिसमें श्याम गौतम, विकास जैन, सोनू (फरूयुद्दीन कुरैशी), देवा गुर्जर भड़क, राकेश शर्मा (राकू) शामिल हैं। सोनू कुरैशी उप महापौर रह चुके हैं। जबकि संगठन महासचिव हेमराज गौतम तथा भरत जैन को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। साजिश खान को प्रवक्ता तथा सुशीला कंवर को सोशल मीडिया प्रभारी बनाया गया है।

महासचिव के लिए नए कार्यकर्ताओं को मौका

सात महासचिव बनाए गए हैं, जिसमें सुभाष सैनी, तरुण चतुर्वेदी, मोहम्मद रफीक तैययर, अमरनाथ शर्मा, वसीम भाटी, बलविंदर सिंह बिल्लू तथा पूर्व पार्षद दिलीप पाठक शामिल है।

15 सचिव बनाए गए

कार्यकारिणी में 15 सचिव बनाए हैं। इनमें एडवोकेट सुरेंद्र शर्मा, आशीष कौशिक, राहुल पुरसवानी, मुकेश शर्मा, भुनेश ऋषि, प्रदीप सुमन, मन्नू राजेश मेघवाल, गुड्डा कुरैशी, विष्णु मेवाड़ा, अविनाश मीणा, सुमित गुर्जर, राजू पहाड़िया, धर्मा गोचर, रमेश यादव तथा अजय प्रजापति को शामिल किया गया है।

बलविंदर सिंह

महासचिव: बलविंदर सिंह उर्फ बिल्लू

बलविंदर सिंह उर्फ बिल्लू के खिलाफ सरकारी भूमि पर अवैध मिट्टी खनन, गैर इरादतन मानव वध के प्रयास, विधानसभा चुनाव के दौरान मारपीट, एससी-एसटी एक्ट तथा कोरोना काल में रैली निकालने सहित विभिन्न मामलों में प्रकरण दर्ज हैं। कुन्हाड़ी थाने में उसके खिलाफ छह से सात आपराधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं। बिल्लू कोटा उत्तर के पूर्व विधायक के नजदीकी हैं। पूर्व विधायक भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे, तब बिल्लू भी कांग्रेस में आ गया था।

देवा भड़क

उपाध्यक्ष: देवा भड़क

देवा भड़क रानपुर थाने का हिस्ट्रीशीटर रह चुका है। पिछले दिनों अवैध खनन रोकने गई वन विभाग की टीम के साथ मारपीट के मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वर्तमान में वह न्यायिक अभिरक्षा में है। भड़क पूर्व मंत्री के नजदीकी माने जाते हैं।

राखी गौतम

शहर अध्यक्ष राखी गौतम से सीधी बात

सवाल: महासचिव बलविंदर सिंह उर्फ बिल्लू और उपाध्यक्ष देवा भड़क के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं, फिर क्यों टीम में शामिल किया?
जवाब: दोनों नाम मैंने नहीं भेजे। वरिष्ठ नेताओं की सिफारिश पर बनाए गए हैं।

सवाल: आपराधिक प्रवृत्ति के कार्यकर्ताओं को शामिल करने से पार्टी की छवि खराब नहीं होगी क्या?
जवाब: मैं क्या कहूं, वरिष्ठ नेता ही जानें।

सवाल: कार्यकारिणी का आकार घटा दिया है, इस बारे में क्या कहेंगी?
जवाब: पहले सवा सौ से अधिक की जंबो कार्यकारिणी थी, अब अध्यक्ष समेत 32 की टीम है।

सवाल: कार्यकारिणी में कई वरिष्ठ नेताओं को जगह नहीं मिली?
जवाब: पार्टी में अलग-अलग कार्यकर्ताओं को उनकी क्षमता के अनुरूप जिम्मेदारी दी जाती है।

Updated on:
02 Aug 2026 12:58 pm
Published on:
02 Aug 2026 12:55 pm