Tunnel Project Of Rajasthan: राजस्थान के मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बनी ₹1000 करोड़ की अत्याधुनिक टनल जल्द ही यातायात के लिए शुरू होने वाली है। इसके शुरू होते ही दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर सफर और तेज व सुगम हो जाएगा।
Delhi-Mumbai 8 Lane Expressway Mukundra Tunnel Update: मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे पर प्रदेश की सबसे चौड़ी टनल के शुरू होने का इंतजार लंबा होता जा रहा है। टनल के एक ओर फोर लेन का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। एनएचएआइ की ओर से राष्ट्रीय स्तर की एंजेसी से इसकी सेफ्टी ऑडिट भी करवाई गई, लेकिन तकनीकी और सुरक्षा संबंधी कामों के चलते फिलहाल टनल के इस हिस्से में ट्रैफिक शुरू नहीं हो पाया है।
टनल के एक हिस्से में चार लेन का काम 4 मई को पूरा कर लिया गया था। इसके बाद सेफ्टी ऑडिट समेत अन्य कार्य किए गए। टनल को योजना के अनुसार 15 मई को शुरू किया जाना था, लेकिन फिलहाल ट्रैफिक शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में बड़ी संख्या में वाहनचालकों को इसके शुरू होने का इंतजार है। टनल के शुरू होते ही लोगों को दरा की नाल में लगने वाले ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिल जाएगी। इसके बाद दिल्ली से लेकर गुजरात तक एक्सप्रेस-वे पर निर्बाध यातायात शुरू हो जाएगा।
टनल के दूसरे चार लेन हिस्से का काम भी अंतिम चरण में है। इसमें लाइटिंग, फेन और अन्य उपकरण लगाने का काम अंतिम चरण में चल रहा है, जो जून माह के अंत पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद सेफ्टी ऑडिट के बाद साथ ही टनल की दोनों ट्यूब्स में निर्बाध यातायात शुरू हो जाएगा।
मुकुन्दरा हिल्स में टनल से यातायात शुरू होने के बाद दरा जाम से मुक्ति मिल सकेगी। बड़े वाहनों से लेकर चौपहिया वाहन इस मार्ग से न केवल निर्बाध आ सकेंगे, बल्कि एम्बुलेंस समेत आपातकालीन वाहन भी टनल से तेजी से कोटा पहुंच सकेंगे।
मुकुन्दरा टनल में अत्याधुनिक एआइ (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) बेस पोल्यूशन डिटेक्टर सेंसर लगाए गए है। ये टनल में कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन और सल्फर समेत खतरनाक जहरीली गैसों को तुरंत पहचान लेंगे। इसके अलावा सेंसर युक्त वर्ल्ड क्लास ऑटो सिस्टम जहरीली गैस को तुरंत बाहर भी फेंक देगा। यही नहीं टनल में 104 जेट फैन लगाए जा रहे है, जो टनल ऑक्सीजन उपलब्ध करवाएंगे।
करीब एक हजार करोड़ रुपए की लागत से तैयार राजस्थान की सबसे चौड़ी (38 मीटर) टनल में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। 100 साल की गारंटी वाली इस टनल दुर्घटना होने पर इमरजेंसी में वाहनों को स्पेशल पैसेज से निकाजा जा सकेगा। इसके लिए टनल के लिए आने-जाने के लिए 4-4 लेन की दोनों सड़कों को 12 स्थानों पर कनेक्ट किया गया है। ऐसे में टनल 300 से 400 मीटर की दूरी पर आपस में कनेक्ट रहेगी। सुरंग में अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जो सुरंग के दोनों ओर बनाए गए कंट्रोल रूम में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से लेस सर्विलांस सिस्टम से जुड़े होंगे। इसके अलावा टनल की सुरक्षा स्काडा कंट्रोल सिस्टम से की जाएगी। यह सिस्टम वाहनों की गति सीमा समेत अन्य गतिविधियों पर सटीक निगरानी रखेगा। इसके अलावा यात्रियों के लिए इंटरनेट की सुविधा भी मुहैया होगी।