
Rajasthan Road Safety Campaign: जयपुर। राजस्थान सरकार द्वारा सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से प्रदेशभर में 4 से 18 नवंबर तक चलाया जा रहा सड़क सुरक्षा अभियान रंग लाने लगा है। अभियान के दूसरे ही दिन पुलिस, परिवहन और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाइयों में उल्लेखनीय तेजी आई है। शराब पीकर वाहन चलाने, गलत दिशा में गाड़ी चलाने और अन्य उल्लंघनों पर सख्त एक्शन लेते हुए करीब एक हजार से अधिक चालकों पर कार्रवाई की गई है।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (यातायात) डॉ. बी. एल. मीना ने बताया कि अभियान के दूसरे दिन यानी 5 नवंबर को पुलिस विभाग की कार्रवाई पहले दिन की तुलना में तीन गुना तक बढ़ गई। इस दौरान 999 चालकों को शराब पीकर वाहन चलाने, 4460 को तेज गति से गाड़ी चलाने, 2554 को गलत दिशा में वाहन चलाने, 480 को खतरनाक तरीके से ड्राइविंग करने, 514 को बिना रिफ्लेक्टर और 1725 को बिना नंबर प्लेट वाहन चलाने के लिए पकड़ा गया।
अभियान के तहत अब तक 34 हजार 645 नागरिकों को यातायात नियमों और सुरक्षित ड्राइविंग की जानकारी दी गई। पुलिस विभाग ने एनएच-48 मॉडल के अनुरूप लेन ड्राइविंग सिस्टम लागू करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। इसके लिए पुलिस जाप्तों के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया गया और सड़कों पर लेन ड्राइविंग सुनिश्चित करने हेतु टीमें तैनात की गईं।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने भी अभियान में अहम भूमिका निभाई। 6 नवंबर को विभिन्न राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों पर चलने वाले 461 व्यावसायिक वाहन चालकों की नेत्र जांच की गई, जिनमें से 111 जरूरतमंद चालकों को चश्मे वितरित किए गए। यह कदम लंबे समय तक गाड़ी चलाने वाले चालकों की सुरक्षा दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
परिवहन विभाग ने अभियान के तीसरे दिन 1814 चालानों के साथ अब तक कुल 4572 वाहनों के चालान किए हैं। इनमें 115 चालान ओवरलोडिंग के, 36 मालवाहक वाहनों में यात्री पाए जाने के, और 1214 अन्य नियमों के उल्लंघन पर किए गए। इसी प्रकार, यात्री वाहनों में क्षमता से अधिक सवारी मिलने पर 19 चालान, छत पर सामान रख संचालन पर 6 चालान, और अन्य उल्लंघनों पर 283 चालान किए गए।
परिवहन विभाग ने अब तक 34 व्यक्तियों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त किए हैं। वहीं 9 वाहनों के परमिट रद्द किए गए और 87 वाहनों को सीज कर दिया गया। यह कार्रवाई यह दर्शाती है कि सरकार और विभाग यातायात नियमों को लेकर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेंगे।
सड़क सुरक्षा अभियान में सार्वजनिक निर्माण विभाग, स्थानीय निकाय विभाग और जिला प्रशासन भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सड़कों की झाड़ियाँ हटाने, स्पीड ब्रेकर दुरुस्त करने, साइन बोर्ड लगाने और अनाधिकृत कट बंद करने जैसे कार्य किए गए हैं। वहीं, फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त किया जा रहा है और आवारा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
राज्य सरकार का यह संयुक्त प्रयास न केवल सड़क सुरक्षा को मजबूत बना रहा है, बल्कि नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता भी बढ़ा रहा है। उम्मीद की जा रही है कि इस अभियान के सकारात्मक परिणाम आने वाले दिनों में सड़कों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे।
Updated on:
07 Nov 2025 04:28 pm
Published on:
07 Nov 2025 04:28 pm
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