Kota Mahashivratri Procession Big Case : कोटा के सकतपुरा इलाके की काली बस्ती में महाशिवरात्रि के अवसर पर निकाली जा रही शिव बारात बिजली की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गई। जिससे 18 लोग झुलस गए। इसके बाद एक्शन में आए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर दिए विभागीय जांच के निर्देश।
Kota Mahashivratri Procession Big Case : कोटा के सकतपुरा इलाके की काली बस्ती में महाशिवरात्रि के अवसर पर निकाली जा रही शिव बारात बिजली की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गई। जिससे 18 लोग झुलस गए। इस दुर्घटना के बाद हा-हाकार मच गया। आनन फानन में झुलसे लोगों को एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दुर्घटना की सूचना के बाद ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर एक्शन में आ गए। इसके बाद ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शुक्रवार को कोटा के सकतपुरा में करंट की चपेट में आने से बच्चों के झुलसने के मामले की विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही हीरालाल नागर कोटा के एमबीएस अस्पताल पहुंचे और वहां भर्ती बच्चों एवं उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को बच्चों के बेहतर उपचार एवं देखभाल के निर्देश दिए।
बताया जा रहा है कि कोटा में महाशिवरात्रि पर कुछ बच्चे शिव बारात निकाल रहे थे। इसी दौरान उनके हाथों में लिए झंड़ों के बिजली के तारों के संपर्क में आने से यह हादसा हो गया।
बिजली की हाईटेंशन लाइन से झुलसने वालों में अधिकतर 6 से 15 साल के बच्चे हैं और एक युवक है। इनमें तीन की हालत गंभीर बताई गई है। फिलहाल सभी का अस्पताल में उपचार चल रहा है। इस मामले में राजस्थान के कोटा एसपी अमृता दुहन ने कहा, यह बहुत दुखद घटना है। यहां काली बस्ती के लोग अपने कलश के साथ जुटे थे, एक बच्चा 20-22 फीट का पाइप लेकर जा रहा था, जो हाईटेंशन तार से छू गया। उस बच्चे को बचाने की कोशिश में वहां मौजूद सभी बच्चे करंट की चपेट में आ गए।
यह भी पढ़ें - ऊर्जा राज्यमंत्री का सख्त आदेश, अवकाश के दिन भी खुलेंगे बिजली विभाग के दफ्तर
कोटा एसपी अमृता दुहन ने आगे कहा, उन्हें उचित इलाज देना प्राथमिकता है। एक की हालत गंभीर है और वह 100 प्रतिशत जल चुका है। जांच शुरू कर दी गई है और अगर किसी की ओर से कोई लापरवाही हुई है तो रिपोर्ट में सामने आ जाएगा। एक घायल की उम्र 25 साल है, बाकी बच्चे 14 साल से कम उम्र के हैं।
यह भी पढ़ें - शिक्षा विभाग का नया आदेश, अब सरकारी स्कूलों में मिलेगा गौमाता का दूध