Good News : कोटा स्थित मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बन रही राज्य की सबसे चौड़ी टनल में अगले माह से यातायात शुरू होने की संभावना है। यह टनल आठ लेन एक्सप्रेस-वे का हिस्सा है, जिससे दिल्ली से वडोदरा तक निर्बाध यात्रा संभव हो सकेगी।
Good News : कोटा स्थित मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बन रही राज्य की सबसे चौड़ी टनल में अगले माह से यातायात शुरू होने की संभावना है। यह टनल आठ लेन एक्सप्रेस-वे का हिस्सा है, जिससे दिल्ली से वडोदरा तक निर्बाध यात्रा संभव हो सकेगी। टनल में चार-चार लेन की दो अलग-अलग सुरंगें बनाई गई हैं। प्रारंभिक चरण में एक सुरंग (चार लेन) को चालू कर यातायात शुरू किया जाएगा, जबकि दोनों दिशाओं में पूर्ण यातायात शुरू होने में अभी कुछ माह का समय लगेगा।
टनल का निर्माण कार्य वर्ष 2019 में शुरू हुआ था और इसे 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, खुदाई के दौरान कच्ची चट्टानों और नाले के आने से कार्य में देरी हुई। अब निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। सड़क निर्माण पूरा हो चुका है और वर्तमान में लाइटिंग, एआइ आधारित प्रदूषण डिटेक्टर सेंसर, जेट फैन, फायर सेफ्टी सिस्टम, सीसीटीवी और कंट्रोल रूम सहित अन्य उपकरणों की स्थापना की जा रही है। सभी सुरक्षा मानकों की जांच और परीक्षण के बाद टनल को मई मध्य तक आमजन के लिए खोलने की तैयारी है।
टनल की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक स्काडा कंट्रोल सिस्टम लगाया जा रहा है, जो वाहनों की गति और गतिविधियों पर नजर रखेगा। कंट्रोल रूम एआइ आधारित सर्विलांस सिस्टम से लैस होंगे। आपात स्थिति से निपटने के लिए टनल की दोनों सुरंगों को 12 स्थानों पर जोड़ा गया है। ये कनेक्टिविटी पॉइंट्स हर 300 से 400 मीटर पर बनाए गए हैं, जिससे दुर्घटना की स्थिति में वाहनों को सुरक्षित निकाला जा सके।
हालांकि टनल अभी आम जनता के लिए बंद है, लेकिन जनप्रतिनिधि, पुलिस और अधिकारी निरीक्षण और परीक्षण के लिए इसका उपयोग कर रहे हैं। सभी सुरक्षा मानकों के पूर्ण होने के बाद ही इसे आम यातायात के लिए खोला जाएगा।
2019 निर्माण कार्य प्रारंभ
अप्रेल 2026 निर्धारित समय सीमा
1000 करोड़ रुपए अनुमानित लागत
38 मीटर टनल की चौड़ाई
3.3 किमी टनल की लंबाई
1.6 किमी कट एंड कवर सेक्शन
4.9 किमी कुल लंबाई।
मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में बन रही टनल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। सुरक्षा उपकरणों की स्थापना जारी है। परीक्षण के बाद जल्द ही एकतरफ का यातायात शुरू कर दिया जाएगा।
संदीप अग्रवाल, परियोजना निदेशक