कोटा

Wheat MSP Rate : किसानों को लगा झटका, राजस्थान में गेहूं खरीद की समय-सीमा में हुआ बड़ा बदलाव, संगठन बिफरे

Wheat MSP Rate : राजस्थान में गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की अवधि में एक बड़ा बदलाव किया गया है। जिससे किसानों को जहां बड़ा झटका लगा वहीं किसान संगठन नाराज हो गए हैं।

2 min read
Apr 30, 2026
फाइल फोटो पत्रिका

Wheat MSP Rate : राजस्थान सरकार ने हाड़ौती समेत प्रदेश में गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की अवधि एक माह घटा दी है। अब 31 मई तक ही गेहूं की खरीद की जाएगी। हर बार 30 जून तक खरीद होती थी। उधर किसान संगठनों ने गेहूं खरीद की तिथि पूर्व ही भांति ही 30 जून तक जारी रखने की मांग उठाई है।

सूत्रों का कहना है गेहूं खरीद का लक्ष्य मई में ही पूरा हो जाएगा। इस कारण खरीद की तिथि घटाई गई है। कोटा में छह लाख मीटि्रक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है। मई तक के किसानों की ऑनलाइन बुकिंग हो गई है। अब जो किसान बुकिंग करवाना चाहते हैं, उनकी पोर्टल पर बुकिंग नहीं हो रही है। इस कारण किसान सस्ते दामों में ही मंडियों में गेहूं बेचने को विवश हो रहे हैं। कोटा जिले में 70 एवं बूंदी जिले में 60 क्रय केन्द्रों पर गेहूं की खरीद चल रही है।

ये भी पढ़ें

Jaipur Ring Road : जयपुर के विकास को बड़ा झटका! अब उत्तरी रिंग रोड, दक्षिणी रिंग रोड से नहीं जुड़ेगी

ग्रामीण क्षेत्र में बारदाना का संकट

एफसीआइ के अधिकारियों के अनुसार भामाशाहमंडी में बुधवार तक दो लाख 45 हजार कट्टे बारदाना उपलब्ध है। साथ ही दो लाख कट्टे बारदाने का इंडेन जारी कर दिया है। इसलिए आगामी एक सप्ताह तक भामाशामंडी में गेहूं खरीद में कोई परेशानी नहीं आएगी। रामगंजमंडी, सांगोद क्षेत्र के कई खरीद केन्द्रों पर बारदाने का संकट है। राजफैड और तिलम संघ केन्द्रों पर बारदाना खत्म हो गया है।

दस लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का प्रस्ताव भेजा

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश पर खाद्य विभाग ने राज्य सरकार के माध्यम से केन्द्र सरकार को दस लाख मीट्रिक टन गेहूं एमएसपी पर खरीद का लक्ष्य बढ़ाने का प्रस्ताव भेज दिया है। केन्द्र की हरी झंडी के बाद खरीद का लक्ष्य बढ़ेगा। उधर एफसीआइ ने खरीदे गए गेहूं को रेलवे रैक से अन्य राज्यों व अन्य जिलों में भेजना शुरू कर दिया है। कोटा के गोदाम भर गए हैं।

एफसीआइ को तैयारी करने के निर्देश

10 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद की संभावनाओं को देखते हुए एफसीआइ को तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बारदाना की आपूर्ति बढ़ाने के लिए कहा गया है, ताकि खरीद व्यवस्था सुचारू रहे। साथ ही किसानों को राहत मिले।
अनिल कुमार अग्रवाल, संभागीय आयुक्त

ये भी पढ़ें

PM Kusum Yojana : फ्री सोलर पंप से डूंगरपुर के जनजाति किसानों के जीवन में आया बड़ा बदलाव, बिजली संकट हुआ दूर
Updated on:
30 Apr 2026 10:10 am
Published on:
30 Apr 2026 10:05 am
Also Read
View All