Rajasthan Transport Department: नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय में आपके द्वारा कोई जवाब नहीं दिया जाता या कर जमा नहीं किया जाता है तो राजस्थान मोटर वाहन कराधान अधिनियम की धारा 13 और 13-ए के तहत कार्रवाई की जाएगी।
Tax On Vehicle Of Other State: यदि आप दूसरे राज्य के वाहनों को कोटा में चला रहे हैं तो आपको इसका टैक्स देना पड़ेगा। इसके लिए परिवहन विभाग कोटा ने करीब 250 वाहन मालिकों को नोटिस जारी किए हैं। नोटिस के अनुसार दूसरे राज्य का वाहन राजस्थान राज्य में लगातार संचालित हो रहा है तो
राजस्थान मोटर वाहन कर अधिनियम 1951 के तहत राज्य का कर जमा करवाना आवश्यक है। विभिन्न टोल बूथ, संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक सूचनाओं के आधार पर यह पुष्टि हुई है कि वाहन राजस्थान में चल रहा है, इससे वाहन पर कर बकाया चल रहा है।
आदेशानुसार राजस्थान मोटर वाहन कराधान अधिनियम 1951 के नियम 28 (1) के तहत संबंधित वाहन मालिकों को यह सूचित किया गया है कि वे 7 दिनों के भीतर कार्यालय समय में उपस्थित होकर राज्य का बकाया कर जमा करें। यदि इस अवधि के भीतर कर जमा नहीं किया और कोई उचित साक्ष्य भी प्रस्तुत नहीं किया तो कार्रवाई की जाएगी।
नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय में आपके द्वारा कोई जवाब नहीं दिया जाता या कर जमा नहीं किया जाता है तो राजस्थान मोटर वाहन कराधान अधिनियम की धारा 13 और 13-ए के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसमें टैक्स जमा नहीं करने पर वाहनों को सीज तक किया जा सकता है।
परिवहन विभाग ने यह नोटिस उन वाहन मालिकों को जारी किया है, जो कि दूसरे राज्य से वाहनों को लाकर राजस्थान में बिना टैक्स दिए ही लंबे समय से संचालित कर रहे हैं, जबकि नियम के अनुसार यदि कोई भी वाहन मालिक दूसरे राज्य से वाहन लाकर उसे राजस्थान में चला रहा है तो राजस्थान के टैक्स का 75% टैक्स देना पड़ता है, लेकिन राजस्थान में ऐसा नहीं होने से आरटीओ को सख्त कदम उठाना पड़ा है।
आरटीओ के नोटिस के बाद शहर में खलबली मच गई, क्योंकि इससे पहले इस तरह के आदेश कभी जारी नहीं हुए। अब कई वाहन मालिक कोटा परिवहन कार्यालय में टैक्स जमा करवाने के लिए पहुंच रहे हैं।
परिवहन विभाग की टीमों ने टोल बूथ व शहर में संचालित सभी सर्विस सेंटर से दूसरे राज्यों के वाहन की जानकारी लेकर उन वाहन मालिकों के खिलाफ नोटिस जारी किए हैं। इससे कोटा परिवहन विभाग ने अभी तक 8 लाख रुपए से अधिक का टैक्स वसूल किया है।
मनीष शर्मा, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, कोटा