Wheat Procurement: राजस्थान सरकार ने एमएसपी पर गेहूं खरीद प्रक्रिया को सरल कर दिया है। इसका सीधा फायदा प्रदेश के लाखों किसानों को मिलेगा। कोटा में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद गेहूं खरीद की नई गाइडलाइन जारी की गई।
कोटा। राज्य सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद प्रक्रिया को सरल बना दिया है। अब जो किसान ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करवा पाते, वे खरीद केंद्र पर मौके पर ही रजिस्ट्रेशन कराकर गेहूं बेच सकेंगे। इसके अलावा अन्य प्रक्रियाओं में भी बदलाव किए गए हैं। इससे प्रदेशभर के लाखों किसानों को राहत मिलेगी। नई व्यवस्था सोमवार से लागू होगी।
गौरतलब है कि शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कोटा में उच्च स्तरीय बैठक ली थी, जिसमें किसानों की समस्याओं पर चर्चा की थी। बिरला के हस्तक्षेप के बाद खरीद प्रक्रिया को सरल किया गया है। राज्य सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए एमएसपी पर गेहूं खरीद के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। किसानों के हित में पोर्टल व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
'नई व्यवस्था से बटाईदार और सह-खातेदार किसानों को सुविधा मिलेगी। साथ ही, वरिष्ठ नागरिकों को भी फसल बेचने में आ रही परेशानियों से राहत मिलेगी। गिरदावरी की विसंगतियों को दूर कर और 5% अतिरिक्त खरीद की छूट देकर यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी पात्र किसान का गेहूं खरीद केंद्र से वापस न लौटे।' -हीरालाल नागर, ऊर्जा मंत्री
राजस्थान पत्रिका ने एमएसपी पर गेहूं खरीद में किसानों को हो रही परेशानियों को प्रमुखता से उठाया। इन खबरों पर संज्ञान लेते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पहले दिल्ली में उच्च स्तरीय बैठक की। इसके बाद शनिवार को कोटा पहुंचते ही उन्होंने किसानों को राहत देने के लिए उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की।