कोटा

Rajasthan: MSP पर गेहूं खरीद के नियम बदले, लाखों किसानों को मिलेगा फायदा, सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन

Wheat Procurement: राजस्थान सरकार ने एमएसपी पर गेहूं खरीद प्रक्रिया को सरल कर दिया है। इसका सीधा फायदा प्रदेश के लाखों किसानों को मिलेगा। कोटा में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद गेहूं खरीद की नई गाइडलाइन जारी की गई।
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Apr 05, 2026
Wheat Procurement
फाइल फोटो-पत्रिका

कोटा। राज्य सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद प्रक्रिया को सरल बना दिया है। अब जो किसान ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करवा पाते, वे खरीद केंद्र पर मौके पर ही रजिस्ट्रेशन कराकर गेहूं बेच सकेंगे। इसके अलावा अन्य प्रक्रियाओं में भी बदलाव किए गए हैं। इससे प्रदेशभर के लाखों किसानों को राहत मिलेगी। नई व्यवस्था सोमवार से लागू होगी।

गौरतलब है कि शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कोटा में उच्च स्तरीय बैठक ली थी, जिसमें किसानों की समस्याओं पर चर्चा की थी। बिरला के हस्तक्षेप के बाद खरीद प्रक्रिया को सरल किया गया है। राज्य सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए एमएसपी पर गेहूं खरीद के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। किसानों के हित में पोर्टल व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।

यह है गेहूं खरीद की नई गाइडलाइन

  • किसान 6 अप्रेल से 31 मई तक अपनी सुविधा अनुसार किसी भी सप्ताह का चयन कर फसल बेचने के लिए स्लॉट बुक कर सकेंगे।
  • व्यवस्था को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए टोकन अब खरीद केंद्रों की ओर से क्षेत्रीय कार्यालय की मंजूरी के बाद जारी किए जाएंगे, ताकि दैनिक क्षमता का पूर्ण उपयोग हो और किसानों को मंडी में इंतजार न करना पड़े।
  • यदि कोई किसान बिना पंजीकरण के केंद्र पर पहुंचता है तो केंद्र प्रभारी को प्रतिदिन शाम 6 बजे के बाद कुल पंजीकृत किसानों के 10% तक ‘स्पॉट रजिस्ट्रेशन’ करने की अनुमति होगी।
  • सह-खातेदारों और बटाईदारों के लिए नियम सरल किए गए हैं। अब भूमि मालिक या सह-खातेदार की सहमति जनआधार से जुड़े मोबाइल पर ओटीपी के माध्यम से ली जा सकेगी। यदि पंजीकरण के समय यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाती तो खरीद केंद्र प्रभारी इसे पूरा कर सकेंगे। हालांकि, भुगतान केवल पंजीकृत किसान के जनआधार से लिंक बैंक खाते में ही किया जाएगा।
  • मृतक किसानों के मामलों में वारिस, अपडेटेड जमाबंदी अपलोड कर उपज बेच सकेंगे।
  • 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक अपनी ओर से किसी अन्य व्यक्ति को मनोनीत कर बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से फसल बेच सकेंगे।
  • गिरदावरी के आधार पर उपज की सीमा तय की गई है। ‘राउंड ऑफ’ के कारण यदि किसान के पास थोड़ी अतिरिक्त मात्रा बचती है तो केंद्र प्रभारी को निर्धारित सीमा से 5% तक अधिक खरीद की अनुमति दी गई है।
  • जिला कलक्टरों को खरीद संबंधी शिकायतों के निवारण के लिए तत्काल कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।

'नई व्यवस्था से बटाईदार और सह-खातेदार किसानों को सुविधा मिलेगी। साथ ही, वरिष्ठ नागरिकों को भी फसल बेचने में आ रही परेशानियों से राहत मिलेगी। गिरदावरी की विसंगतियों को दूर कर और 5% अतिरिक्त खरीद की छूट देकर यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी पात्र किसान का गेहूं खरीद केंद्र से वापस न लौटे।' -हीरालाल नागर, ऊर्जा मंत्री

पत्रिका बना अन्नदाता की आवाज

राजस्थान पत्रिका ने एमएसपी पर गेहूं खरीद में किसानों को हो रही परेशानियों को प्रमुखता से उठाया। इन खबरों पर संज्ञान लेते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पहले दिल्ली में उच्च स्तरीय बैठक की। इसके बाद शनिवार को कोटा पहुंचते ही उन्होंने किसानों को राहत देने के लिए उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की।

Updated on:
05 Apr 2026 07:44 pm
Published on:
05 Apr 2026 07:01 pm