भामाशाह मंडी में हाड़ौती, सवाई माधोपुर, चित्तौड़गढ़ के अलावा मध्यप्रदेश के एक दर्जन जिलों के किसान जिन्स बेचने आते हैं।
हाड़ौती अंचल में खरीफ की फसलों की कटाई अंतिम दौर में चल रही है। किसान दिवाली की खरीदारी के लिए अनाज मंडियों में बेचने के लिए लेकर आ रहे हैं। इससे मंडियों में जिन्सों की आवक बढ़ने लगी है। प्रदेश की सबसे बड़ी मंडियों में शुमार भामाशाहमंडी में इस सीजन में पहली बार मंगलवार को एक लाख 10 हजार कट्टे अनाज बिकने के लिए आया।
इसमें 50 हजार बोरी धान (चावल) शामिल है जो इस सीजन में सर्वाधिक है। भामाशाह मंडी में हाड़ौती, सवाई माधोपुर, चित्तौड़गढ़ के अलावा मध्यप्रदेश के एक दर्जन जिलों के किसान जिन्स बेचने आते हैं। मंडी में धान और सोयाबीन के लिए अलग यार्ड की व्यवस्था की गई है। किसान मंडी में माल बेचकर दिवाली के लिए अपनी-अपनी जरूरत के हिसाब से खरीदारी कर रहे हैं।
इस बार अक्टूबर के प्रथम सप्ताह तक बारिश का दौर जारी रहा। अब किसान जिन्स तैयार कर मंडियों में लेकर आ रहे हैं, इससे आवक लगातार बढ़ रही है। दिवाली के बाद आवक और बढ़ेगी। मंगलवार को आवक एक लाख दस हजार बोरी को पार कर गई है। किसान दिवाली के मद्देनजर माल तैयार होते ही बेचने के लिए आ रहे हैं।
अविनाश राठी, अध्यक्ष कोटा ग्रेन एंड सीड्स मर्चेन्ट्स एसोसिएशन
हाड़ौती में इस बार 10 लाख मीट्रिक टन धान के उत्पादन का अनुमान है। भाव कम होने से किसानों को नुकसान हो रहा है। इसलिए किसान हित में धान पर किसानों को बोनस राशि दी जानी चाहिए। हाड़ौती में उच्च गुणवत्ता के धान का उत्पादन होता है, लेकिन उचित भाव नहीं मिलने से किसान परेशान है।
दशरथ कुमार किसान नेता