कोटा

दिन रात दौडने के बाद भी घट गई रोड़वेज की कमाई, अब की जा रही किराये में कमी

कोटा मार्ग पर रोड़वेज बसें दिनभर फेरे लगा रही है, फिर भी कमाई नहीं हो रही, अब किराये में कमी को लेकर मांगी रिपोर्ट।
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Dec 11, 2017
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राजस्थान सड़क परिवहन

कोटा . कोटा मार्ग पर दिनभर कई फेरे लगाने के बावजूद रोडवेज बसें कमाई नहीं कर पा रही। बारां से कोटा तक रोडवेज बसों का यात्री भार घटते-घटते मात्र 55 प्रतिशत रह गया है। अब बारां से कोटा व कोटा से बारां का रोडवेज बसों का किराया जल्द ही पुरुषों का 60 व महिलाओं का 45 रुपए प्रति यात्री हो सकता है। इसको लेकर जयपुर महाप्रबंधक (यातायात) ने रोडवेज डिपो से रिपोर्ट भी मांगी है, जिसे डिपो के मुख्य प्रबंधक ने भेज दिया है। बारां डिपो के अधीन 92 बसों का संचालन होता है। इसमें बारां, बूंदी, कोटा व टोंक डिपो की बसें 69 फेरे बारां से कोटा लगाती हैं।

55 प्रतिशत रह गया यात्री भार

एक्सप्रेस रोडवेज बसें पुरूष यात्री से 80 व महिलाओं से 60 रुपए प्रति यात्री के हिसाब से लेती हैं। लोकल रोडवेज बस 75 पुरूष व महिला से 55 रुपए किराया वसूलती है लेकिन उक्त रूट पर लोक परिवहन, निजी बसों व अवैध वाहनों का संचालन काफी ज्यादा है, जो यात्रियों को मात्र 50 रुपए में लेकर जाती हैं। ऐसे में रोडवेज में ज्यादातर यात्री बैठना पसंद नहीं करते हैं। ऐसे में बारां से कोटा तक रोडवेज बसों का यात्री भार घटते-घटते मात्र 55 प्रतिशत रह गया है, जबकि अन्य रूट पर यात्री भार 65 प्रतिशत हैं। इससे रोडवेज को राजस्व का काफी नुकसान हो रहा है। किराया घटाने को लेकर बारां डिपो के मुख्य प्रबंधक ने करीब एक माह पहले प्रस्ताव बनाकर भेजा था। उक्त प्रस्ताव जल्द स्वीकृत होने की उम्मीद है।

जताई थी नाराजगी

बारां डिपो ने गजनपुरा, बटावदा, बटावदी सहित अन्य जगहों पर बस स्टॉप बना रखे हैं। पूर्व में उक्त बस स्टॉप से बैठने वाले यात्रियों से बारां रोडवेज की बसें पुरूषों से 60 व महिलाओं से 45 रुपए किराया वसूलती थी, जबकि अन्य डिपो की बसें निर्धारित किराया लेती थी। किराये का अंतर होने से कई बार अन्य डिपो के परिचालकों को यात्रियों के रोष का सामान करना पड़ता था।

ये घाटे के फेरे

कोटा रोड पर 10 फेरे कोटा, 2 बूंदी, 1 टोंक व 56 फेरे बारां डिपो की बसें लगाती हैं। इसके बावजूद रोडवेज को अपेक्षा अनुसार कमाई नहीं हो रही। निजी एवं लोक परिवहन वाहनों से प्रतिस्पद्धा में रोडवेज पिछड़ रहा है। पिछले कुछेक मौकों पर अवैध व लोक परिवहन बसों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई लेकिन रोडवेज सूत्रों का कहना है कि इसके बावजूद इन बसों का कोटा मार्ग पर संचालन हो रहा है। इनका किराया कम होने से यात्रीभार ज्यादा मिल रहा है। बारां रोडवेज डिपो के मुख्य प्रबंधक पवन कटारा ने बताया कि कोटा का किराया घटाने को लेकर मुख्यालय प्रस्ताव बनाकर भेजा है। किराया कम होने से यात्री भार के साथ-साथ राजस्व की भी बढ़ोतरी होगी।

Published on:
11 Dec 2017 04:09 pm