कोटा

Big News : रुद्राक्ष के हत्यारे अंकुर को मृत्युदंड, सहयोगी भाई अनूप को उम्रकैद

हत्यारे के भाई को उम्रकैद, एक आरोपित को 4 साल और दूसरे को 2 साल की सजा, एसटीएससी अदालत के न्यायाधीश गिरीश अग्रवाल ने सुनाई सजा

2 min read
Feb 26, 2018
रुद्राक्ष के हत्यारे अंकुर को फांसी की सजा, हत्यारे के भाई को उम्रकैद, एक आरोपित को 4 साल और दूसरे को 2 साल की सजा, एसटीएससी अदालत के न्यायाधीश गिरीश अग्रवाल ने सुनाई सजा

कोटा.

शहर के बहुचर्चित रुद्राक्ष अपहरण व हत्याकांड मामले में सोमवार को एससी-एसटी कोर्ट के न्यायाधीश गिरीश अग्रवाल ने 326 पेज का फैसला सुनाते हुए अंकुर पाडिया को हत्या का दोषी मानते हुए मृत्युदंड की सजा और 3.60 लाख का जुर्माना से दंडित किया। जबकि उसके भाई अनूप पाडिया को उम्रकैद की सजा व 3.70 लाख के जुर्माने से दंडित किया।

ये भी पढ़ें

Breaking news: कोटा के दो गुटों में वर्चस्व की लड़ाई, देर रात जमकर चले चाकू, युवक की हत्या, दो की हालत नाजुक

अंकुर के नौकर महावीर शर्मा को सबूत नष्ट करने का दोषी मानते हुए चार साल व 25 हजार का जुर्माना और फर्जी आईडी से मोबाइल सिम उपलब्ध कराने वाले आरोपी दिल्ली निवासी करणजीत सिंह को दो साल कारावास की सजा और एक लाख के जुर्माने से दंडित किया है। सजा के बाद पुलिसकर्मी आरोपित अनूप को बारां जेल ले गए और अंकुर व महावीर को कोटा जेल ले जाया गया।

जैसे कोई पछतावा नहीं
सजा सुनने के बाद भी अंकुर और अनूप के चेहरों पर न डर का भाव था और न ही किसी तरह का पछतावा नजर आ रहा था। हथकड़ी लगे दोनों आरोपितों अदालत से बाहर भी अकड़ते हुए आए। जबकि जमानत पर रिहा महावीर को सजा सुनाने के बाद पुलिस कस्टडी में लिया गया तो वह काफी घबराया हुआ था। विशिष्ट लोक अभियोजक कमलकांत शर्मा ने बताया कि दादा की मौत हो जाने के कारण करणजीत सिंह फैसले के समय उपस्थित नहीं था।

टोटल रिकॉल

9 अक्टूबर 2014- तलवंडी स्थित हनुमानमंदिर पार्क से 7 वर्षीय रुद्राक्ष का अपहरण

अपहर्ताओं ने पिता पुनीत को घर फोन कर 2 करोड़ रुपए की फिरोती मांगी।

अपहरण का मामला दर्ज
10 अक्टूबर तालेड़ा थाना क्षेत्र की जाखमुंड क्षेत्र में नहर में रुद्राक्ष का शव मिला।

हत्या का मामला दर्ज

27 अक्टूबर 2014 को अंकुर पाडिय़ा व उसके भाई अनूप को लखनऊ से गिरफ्तार किया था।

जनवरी 2015 में पुलिस ने 1464 पन्नों का चालान पेश किया था।

अभियोजन पक्ष की ओर से 110 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए।

इसी सजा की उम्मीद थी
रूद्राक्ष के पिता पुनीत हांडा व मां श्रद्धा फैसला जानने के लिए सुबह से ही अदालत में मौजूद थे। जैसे ही न्यायाधीश ने फैसला सुनाया दोनों भावुक हो गए। आंसू भरी आंखों के साथ उन्होंने कहा कि उन्हें इसी फैसले की उम्मीद थी। उनका बच्चा तो अब वापस नहीं आ सकता, लेकिन सख्त सजा मिलने से अन्य अपराधी किसी दूसरे के बच्चे को मारने से पहले दस बार सोचेंगे।

ये भी पढ़ें

सीएम शिवराज सिंह बोले- मेरा पहला आंदोलन परिवार के खिलाफ था, चाचा ने बहुत मारा मुझे
Updated on:
26 Feb 2018 09:51 pm
Published on:
26 Feb 2018 06:08 pm
Also Read
View All