कोटा

क्या हुआ जब मरीजों ने बताया अस्पतालों का स्वास्थ्य का हाल

प्रभारी सचिव ने मरीजों से पूछा अस्पतालों का स्वास्थ्य, दवाइयों, स्वच्छता एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
2 min read
Nov 07, 2017
Swine Flu, Dengue, Medical Department,  Seasonal Diseases, Medical in Kota , Swine Flu in Kota , Dengue in Kota,  Kota  News, Kota  Patrika, Patrika News, Rajasthan Patrika, Healthcare in India, Healthcare in Rajasthan, National Health Mission, Sehatsudharosarkar, Secretary visits in hospital
सचिव का अस्पताल में दौरा

सेवारत चिकित्सकों की हड़ताल के बीच जिले के प्रभारी सचिव आलोक ने सोमवार को एमबीएस, जेके लोन एवं न्यू मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय का निरीक्षण किया। प्रभारी सचिव एमबीएस के मेल वार्ड ए में गए तथा भर्ती रोगियों एवं तीमारदारों से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। मरीजों से अस्पतालों का हाल जाना। चिकित्सालय की साफ.-सफाई पेयजल व्यवस्था एवं दवाइयों के पर्याप्त मात्रा में भंडारण की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मेल वार्ड के ऊपर बाहर की ओर गिरने वाले गंदे पानी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तकनीशियन को बुुलवाकर पीवीसी पाइप लगाने के निर्देश दिए। विद्युत स्विच बोर्ड खुले एवं लटकने पर भी नाराजगी व्यक्त की, सम्पूर्ण परिसर की स्वच्छता पर ध्यान देने के निर्देश दिए।

भवन एेसा बने कि सबको सहूलियत हो

प्रभारी सचिव ने निजी संस्था द्वारा रोगियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन के पैकेट देखे तथा गुणवत्ता की जानकारी ली। केन्द्रीय प्रयोगशाला के दोमंजिला प्रस्तावित भवन के बारे में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंता से चर्चा की। मौके का नक्शा मांगा तो अधिकारियों के पास यह नहीं मिलने पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने निर्देश दिए कि भवन का निर्माण इस प्रकार किया जाए कि स्टॉफ , रोगियों एवं तीमारदारों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा करें

उन्होंने न्यू मेडिकल अस्पताल में निरीक्षण के दौरान मेंटिनेंस के चल रहे कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। डेंगू पीडि़तों से भी बात की। ओपीडी, सर्जरी, इमरजेंसी मेडिसिन आदि का निरीक्षण किया। इस दौरान अतिरिक्त संभागीय आयुक्त प्रियंका गोस्वामी, अतिरिक्त कलक्टर, नगर बीएल मीणा, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. गिरीश वर्मा, चिकित्सालयों के अधीक्षक एवं संबंधित चिकित्सा अधिकारी भी मौजूद थे।

ऑपरेशन के बाद जबरन छुट्टी की

चिकित्सकों की हड़ताल के चलते पहले ही दिन सोमवार को बूंदी जिले में व्यवस्था लडख़ड़ा गई। जिला चिकित्सालय में एफबीएनसी यूनिट में गंभीर हाल में भर्ती पांच शिशुओं को देखने के लिए भी कोई शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं आए। जिला अस्पताल में लगाए गए कोटा मेडिकल कॉलेज के सात चिकित्सक वार्डों में भर्ती रोगियों को छुट्टी कर घर भेजते दिखाई पड़े। पहले ही दिन कई भर्ती रोगियों को डिस्चार्ज कर दिया, उन्हें कोटा में उपचार की सलाह दी गई। अस्पताल प्रशासन ने सर्जिकल वार्ड को एक कमरे में समायोजित कर दिया। सर्जिकल वार्ड में सात रोगियों को डिस्चार्ज व एक को रैफर कर दिया।

Published on:
07 Nov 2017 12:44 pm