सांस्कृतिक आदान-प्रदान की नीति के तहत पूर्वोत्तर राज्यों में असम, मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा, सिक्किम, नागालैण्ड, अरुणाचल प्रदेश से छात्रों का दल कोटा आ
कोटा .
कोटा शहर वाकई शैक्षणिक नगरी है। रेलवे स्टेशन पर उतरकर बाहर निकले तो कहीं पर नेताओं के होर्डिंग नहीं दिखे। यहां पर सिर्फ इंस्टीट्यूट, नम्बर वन रैंकर्स के फोटो वाले होर्डिंग दिखे। यहां देखकर काफी अच्छा लगा। यही कोटा शहर शिक्षा नगरी की पहचान को दर्शाता है। यह बात बुधवार को कोटा पहुंचे सात राज्यों के 32 सदस्यीय दल में शामिल कॉर्डिनेटर बालकिशन ने कही। कोटा विश्वविद्यालय में दल का स्वागत किया गया। यहां दल ने कुलपति पीके दशोरा से भेंट की। दल के छात्र सदस्यों को राजस्थानी पगड़ी व छात्राओं को दुपट्टा धारण कराया गया। सांस्कृतिक आदान-प्रदान की नीति के तहत पूर्वोत्तर राज्यों में असम, मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा, सिक्किम, नागालैण्ड, अरुणाचल प्रदेश से छात्रों का दल कोटा आया है। स्वागत के बाद खुली चर्चा हुई।
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स्टेशन पर भी हुआ स्वागत
हाड़ौती की कला व संस्कृति को जानने के लिए पूर्वोत्तर का 32 सदस्य दल ट्रेन से गुरुवार सुबह कोटा पहुंचा। रेल्वे स्टेशन पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से दल का स्वागत किया। दल रैली के रूप में 16 परिवारों के यहां पहुंचा। जहां एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने रुकने की व्यवस्था की।
कोटा के पर्यटन स्थल देखे
एबीवीपी के प्रांत संगठन मंत्री राजेश गुर्जर ने बताया कि दल शाम 4 बजे किशोर तालाब पहुंचा। यहां यूआईटी चेयरमैन आरके मेहता के साथ चाय पर चर्चा हुई। उसके बाद सेवन वंडर्स देखा। शुक्रवार को दल बूंदी भ्रमण निकलेगा। शुक्रवार शाम 5 बजे नागरिक अभिनंदन होगा। कार्यक्रम में शहर के गणमान्य लोग शिरकत करेंगे और कोचिंग संस्थाओं में पढऩे वाले नार्थ इस्ट के छात्रों से रुबरु होंगे।