कोटा

खाने लायक नहीं है कोटा रेलवे जंक्शन का खाना, स्टेशन कमेटी भी दिखी नाखुश

कोटा रेलवे स्टेशन की यात्री सुविधाओं का जायजा लेने के लिए स्टेशन कमेटी कोटा पहुंची। जहां कमेटी जंक्शन के खाने से नाखुश दिखी।

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Aug 19, 2017
कोटा जंक्शन का निरीक्षण करती स्टेशन कमेटी।

रेलवे बोर्ड की ओर से नामित पैसेंजर सर्विस कमेटी के सदस्यों ने शुक्रवार को कोटा जंक्शन और भवानीमंडी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। कमेटी में शामिल सदस्यों मानसिंह चौहान, राकेश शाह, के.एल.शर्मा और पंकज पाठक ने बुकिंग कार्यालय, सामान्य श्रेणी प्रतीक्षालय, वातानुकूलित प्रतीक्षालय, रिटायरिंग रूम, डीलक्स टॉयलेट और फूड प्लाजा का सघन निरीक्षण किया। उनके साथ एडीआरएम आलोक अग्रवाल और सीनियर डीसीएम अमरदीप भी मौजूद रहे। कमेटी के सदस्य इस निरीक्षण की रिपोर्ट रेलवे बोर्ड की मासिक बैठक में रखेंगे।

खाने से नाखुश दिखी स्टेशन कमेटी

कमेटी के सदस्य कोटा जंक्शन और यहां से गुजरने वाली ट्रेनों के खाने की क्वालिटी नाराज दिखे। खुद कमेटी के सदस्य कैलाश नाथ शर्मा ने माना कि स्टेशन और ट्रेनों की खानपान सेवा में कमियां मिली है। रेलवे बोर्ड की मासिक बैठक में अधिकारियों को इनके बारे में बताएंगे। पिछले दिनों पेट्रीकार में खाने की खराब क्वालिटी को लेकर राजस्थान पत्रिका ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे। जिस पर उन्होंने कहा कि इस अव्यवस्था को जल्द ही दूर किया जाएगा। यात्रियों को अच्छा व ताजा भोजन मिले इसके लिए बोर्ड व कमेटी दोनों गंभीर है।

रेलकर्मियों ने किया प्रदर्शन

वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे मजदूर संघ की लोको शाखा ने शुक्रवार को डीआरएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। संघ के संयुक्त महामंत्री अब्दुल खलिक ने बताया कि रेल प्रशासन कर्मचारियों की सेफ्टी से खिलवाड़ कर रहा है। नए नियमों के अनुसार सहायक लोको पायलेट को लाल और हरी झण्डी, हथौड़ा, कार्य संचालन समय सारणी सहित एक अतिरिक्त ट्राईकलर टार्च का बोझ भी उठाना पड़ेगा। इससे रेलकर्मियों में आक्रोश है। इस मौके पर शाखा सचिव चेतन शर्मा, अध्यक्ष बिजेन्द्र कुमार, अमरनाथ पाण्डेय, चन्द्रभान मीना सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

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Published on:
19 Aug 2017 04:25 pm
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