कोटा

Patrika Impact: उपभोक्ताओं की पीड़ा हरने आ गए गिरधर गोपाल, पार लगाएंगे सबकी नैय्या

कोटा. जिला उपभोक्ता मंच में स्टेनोग्राफर की अस्थायी नियुक्ति कर दी गई है। इससे लम्बे समय से अटके फैसले फिर से होने लगेंगे।
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Updated: 8 Mar 2018, 7:12 PM IST
जिला उपभोक्ता मंच

कोटा.

उपभोक्ताओं की पीड़ा हरने के लिए गिरधर गोपाल आ गए हैं। जिला उपभोक्ता मंच में स्टेनोग्राफर की अस्थायी नियुक्ति कर दी गई है। इससे लम्बे समय से अटके फैसले फिर से होने लगेंगे। फैसले जल्दी निपटने से उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।

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मंच में 30 सितम्बर 2017 को स्टेनोग्राफर के सेवानिवृत्त होने के बाद नया स्टेनोग्राफर नहीं लगाने से करीब 5 माह से फैसले ही नहीं हो रहे थे। उपभोक्ताओं को लम्बी तारीख दी जा रही थी। उपभोक्ताओं की इस पीड़ा को समझते हुए राजस्थान पत्रिका ने 25 फरवरी के अंक में 'वो क्या गए, फैसले ही आना बंद हो गए' शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसमें बताया था कि मंच की ओर से राज्य उपभोक्ता आयोग को कई बार अवगत करवाने के बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। समाचार प्रकाशित होने के बाद आयोग के रजिस्ट्रार ने हाल ही मंच में स्टेनोग्राफर की अस्थायी नियुक्ति कर दी है।

बूंदी से 3 सप्ताह के लिए लगाया

सूत्रों के अनुसार जिला उपभोक्ता मंच बूंदी में कार्यरत स्टेनोग्राफर गिरधर गोपाल को 3 सप्ताह के लिए नियुक्त किया है। वे पहले, दूसरे और पांचवें सप्ताह कोटा में रहेंगे, जबकि चौथे सप्ताह सवाईमाधोपुर में और तीसरे सप्ताह बूंदी में काम करेंगे। सूत्रों के अनुसार इस सप्ताह मंच के अध्यक्ष के अवकाश पर होने से अभी फैसले शुरु नहीं हुए हैं। लेकिन सोमवार को उनके आने के बाद फिर से फैसले आने लगेंगे।

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