कोटा

Success Story : गुदड़ी का लाल चेतन बनेगा डॉक्टर

- बूंदी जिले के दबलाना कस्बे के चेतन ने क्रेक की नीट 2020 - माता-पिता के निधन के बाद चाचा व समाज ने किया सहयोग
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Updated: 27 Oct 2020, 8:14 PM IST
Success Story : Gudari ka lal Chetan will become a Doctor
Success Story : गुदड़ी का लाल चेतन बनेगा डॉक्टर

कोटा.

मेहनत यदि पूरी ईमानदारी से हो तो कायनात आपका साथ देती है, ऐसा ही कुछ हुआ है बूंदी (Bundi ) जिले के छात्र चेतन चावला (खटीक) के साथ। तमाम विषम परिस्थितियों के चलते चेतन चावला ने देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट 2020 (NEET2020 ) क्रेक की और अब सरकारी मेडिकल कॉलेज से पढ़कर एमबीबीएस करेगा। चेतन ने नीट2020 ( NEET2020 ) में 720 में से 610 अंक प्राप्त किए और ऑल इंडिया 15470 व एससी कैटेगिरी रैंक 276 प्राप्त की।

चेतन को इस समय खुशी तो है लेकिन माता-पिता को भी याद कर रहा है कि काश इस खुशी में वे भी शामिल होते। दरअसल, बीमारी के चलते चेतन की मां ममतेश बाई का निधन हो गया। 2016 में पिता कन्हैयाराम का भी जयपुर में दुर्घटना में निधन हो गया। चेतन के चाचा गजेन्द्र कुमार और समाज जन ने पैसे एकत्रित कर उसे पढ़ाया। चेतन के एक भाई-बहन है। बड़ा भाई जयपुर में मैजिक ऑटो चलाता है। उसी से घर का खर्च चलता है। छोटी बहन दादा-दादी के साथ दबलाना में ही रहती है। चेतन अब कार्डियोलॉजिस्ट बनकर कॅरियर बनाना चाहता है। चेतन की प्रतिभा और परिवार की विपरीत परिस्थितियों को देखते हुए एलन उसे स्कॉलरशिप के तहत ग्रेजुएशन के चार वर्षों तक प्रतिमाह स्कॉलरशिप देगा।

कोटा रहकर आया निखार

चेतन ने बताया कि माता-पिता के निधन के बाद चाचा ने संभाला और पढ़ाई करवाई। मैंने आगे पढऩे की इच्छा जताई तो कोटा भेजा। कोटा में एलन प्रबंधन ने परिस्थिति देख फीस आधी कर दी। चाचा और समाज के लोगों ने मेरी फीस और रहने और खाने का इंतजाम किया। कोटा का माहौल ने मुझे प्रेरित किया। अच्छे टीचर्स के अलावा यहां अच्छे स्टूडेंट्स मिले। इसी वजह से मैं नीट में सफल हो सका।

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27 Oct 2020, 8:14 PM IST
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