मौसम का मिजाज तल्ख बना हुआ है। अक्टूबर माह बीतने को है, लेकिन तापमान को देखते हुए जेठ सी गर्मी का अहसास हो रहा है।
कोटा . कार्तिक मास में गुलाबी सर्दी पडऩे लग जाती है। सुबह-शाम और रात को हल्की सर्दी का अहसास होता है। लोग ऊनी वस्त्र भी पहनने लगते हैं, लेकिन इस बार अब तक ऐसा कुछ नहीं है। मौसम का मिजाज तल्ख बना हुआ है। अक्टूबर माह बीतने को है, लेकिन तापमान को देखते हुए जेठ सी गर्मी का अहसास हो रहा है।
इन दिनों अधिकतम तापमान औसत 35 डिग्री चल रहा है। दोपहर में गर्मी, तेज धूप परेशान कर रही है। पिछले 11 साल में अक्टूबर माह में इस साल 16 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री दर्ज किया गया। इतना तापमान गर्मी के मौसम होता है।
दिन में गर्मी, रात को हल्की सर्दी
मौसम परिवर्तन का असर अब जनजीवन पर भी दिखने लगा है। दोपहर में तेज धूप व गर्मी का असर बना हुआ है। देर रात हल्की सर्दी का अहसास होने लगा है। इसके चलते लोगों ने रात को चादर ओढऩा शुरू कर दिया है।
एक्सपर्ट व्यू : इसलिए पड़ रही गर्मी
कोटा मौसम विज्ञानी अजीतपाल भाटिया का कहना है कि पिछले सालों की अपेक्षा इस साल मध्य भारत में मानसून की सक्रियता कम रही। बारिश भी कम हुई। इससे वातावरण में नमी बनी हुई है।साथ ही, ग्लोबल वार्मिंग अभी पड़ रही गर्मी का सबसे बड़ा कारण है, जबकि पिछले वर्षों में अक्टूबर तक गुलाबी सर्दी शुरू हो जाती है। अधिकतम तापमान भी कम होने लगता है।