
स्कूल ऑटो
गृह मंत्री गुलाब चन्द कटारिया ने कहा कि प्रदेशभर में विद्यालयों में बच्चों को लाने-ले जाने के लिए जितने भी ऑटो लगे हैं, उनके चालकों का पुलिस सत्यापन थाने के अनुसार एक माह में पूर्ण कर लिया जाएगा। कटारिया बुधवार को विधानसभा में प्रश्नकाल में विधायकों की ओर से पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि ऑटो द्वारा लिए जाने वाला शुल्क भी निर्धारित करने का प्रयास रहेगा।
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बाल वाहिनी के लिए एक भी ऑटो अधिकृत नहीं
पीपल्दा विधायक विद्याशंकर नंदवाना के मूल प्रश्न पर कटारिया ने कहा कि कोटा शहर में कुल 215 ऑटो बच्चों को विद्यालयों में लाने- ले जाने के लिए चल रहे हैं। इनमें से 137 ऑटो चालकों का पुलिस वेरिफि केशन हो चुका। जल्द ही शेष ऑटो चालकों का सत्यापन भी करा लिया जाएगा। नंदवाना ने कहा कि स्कूल के बच्चों को लाने-ले जाने के लिए परिवहन विभाग बाल-वाहिनी के नाम के परमिट जारी करता है, लेकिन सत्यापन नहीं किया जाता है। कोटा शहर में सात हजार ऑटो चलते हैं, लेकिन बाल वाहिनी के लिए एक भी ऑटो अधिकृत नहीं है। उन्होंने नियमों की कड़ाई से पालना करने की मांग की।
पुलिस मारपीट का मामला उठाया
रामगंजमंडी विधायक चन्द्रकांता मेघवाल ने विधानसभा में अजय आहूजा नगर उडि़या बस्ती में पुलिस द्वारा लोगों से मारपीट करने के मामले में कार्रवाई की मांग उठाई। मेघवाल ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से मामला उठाते हुए कहा कि उडि़या बस्ती के लोगों के साथ 30 सितम्बर को पुलिस ने घरों में घुसकर मारपीट की। सोते हुए लोगों, बजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को भी पीटा गया। वाहनों और घरों में तोडफ़ोड़ की। उन्होंने दोषी पुलिस कर्मियों को निलम्बित करने तथा उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
Published on:
26 Oct 2017 03:37 pm
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