
Kota News : कोचिंग स्टूडेंट्स की मदद और सुरक्षा के लिए कोटा पुलिस ने एक विशेष ऐप तैयार करवाया है। इस ऐप को नाम दिया है, के - एसओएस यानी कोटा सेव अवर सोल। इसके जरिए पुलिस स्टूडेंट्स की हर समस्या का समाधान करेगी। पुलिस का दावा है कि 'कामयाब कोटा' बनाने की दिशा में यह ऐप कारगर साबित होगा। ऐप में पैनिक बटन रहेगा, जिसे दबाते ही विद्यार्थी की मदद के लिए तत्काल कोटा पुलिस पहुंच जाएगी और उसकी कोटा में कोचिंग स्टूडेंट्स के सुसाइड और साइबर क्राइम जैसी बच्चों से जुड़ी शिकायतों में लगातार बढ़ोतरी के बाद पुलिस ने इन पर लगाम लगाने के लिए ऐप बनाने की सोची।
पुलिस उपाधीक्षक गरिमा जिंदल कहती हैं कि अक्सर यह देखने में आया है कि विद्यार्थी फिजिकल व मेंटल दबाव के चलते काउंसलर, कोचिंग, हॉस्टल, माता-पिता, बहन या दोस्त से अपनी बात शेयर नहीं कर पाता और गलत कदम उठा लेता है। कई बार ऐसे मामलों में विद्यार्थी को मदद नहीं मिल पाती। ऐसे समय में कोचिंग विद्यार्थी की मदद कर सकें, इसके लिए पुलिस आगे आई है। पुलिस ने सोचा कि एक ऐसा ऐप तैयार किया जाए, जिसके जरिए कोचिंग विद्यार्थी तक आसानी से सहायता पहुंच सके। कोटा आइजी रेंज रवि दत्त गौड़ व सिटी एसपी डॉ. अमृता दुहन के निर्देशन में पुलिस ने केएसओएस ऐप तैयार करवाया है। इस ऐप से किसी विद्यार्थी का डेटा लीक नहीं होगा। इस मोबाइल ऐप को जल्द ही लॉन्च किया जाएगा।
इस ऐप को कोचिंग, हॉस्टल व अन्य माध्यमों से विद्यार्थियों के मोबाइल में डाउनलोड करवाया जाएगा।
ऐप में इमरजेंसी पैनिक बटन रहेगा। किसी भी अप्रत्याशित या असुरक्षित हालात में पैनिक बटन का उपयोग करने से तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम और दिए गए नंबर्स पर सूचना प्रसारित होगी।
उस स्थान की लोकेशन भी पुलिस के पास पहुंचेगी।
कोटा पुलिस तुरंत जाकर विद्यार्थी को संभालेगी और उसकी जो भी समस्या होगी उसका समाधान करेगी