कोटा

Big Scam: 160 से ज्यादा लोगों के फंसे करोड़ों रुपए, कोटा में अधूरी मल्टीस्टोरी बनाकर फरार हो गया बिल्डर, फोन भी बंद

Rimsha Residency Project Kota: कोटा शहर में एक बड़े घोटाले ने 160 से अधिक लोगों को करोड़ों रुपए के नुकसान में डाल दिया है। दरअसल एक बिल्डर अधूरी मल्टीस्टोरी इमारत बनाकर फरार हो गया।

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Jan 07, 2026
रिमशा रेजीडेंसी की अधूरी पड़ी मल्टी स्टोरी बि​ल्डिंग (फोटो: पत्रिका)

Builder Absconds After Crore Rupees Scam: कोटा शहर के कुन्हाड़ी क्षेत्र में एक बिल्डर अधूरी मल्टीस्टोरी भवन बनाकर फरार हो गया है। इस कारण 7 साल से मल्टीस्टोरी में 160 से अधिक फ्लैट बुक करवाने वाले लोग परेशान है। करोड़ों रुपए की रकम फंस गई है। न मल्टीस्टोरी में फ्लैट मिला और न रकम वापस लौटाई जा रही है। बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शासन-प्रशासन तक गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई मदद नहीं मिली है। रेरा में शिकायत दर्ज करवा दी है।

कुन्हाड़ी क्षेत्र के नयाखेड़ा गांव के खसरा संख्या 241 पर रिमशा बिल्डर एंड डवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड ने वर्ष 2018 में प्रोजेक्ट रिमशा रेजीडेंसी शुरू किया। इसके तहत तीन मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाकर करीब 300 सिंगल और टू बीएचके फ्लैट बनाए जाने थे। इस दौरान कंपनी के बिल्डर गिरीश सावलानी ने लोगों से फ्लैट का एडवांस ले लिया।

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रिमशा में फ्लेट को लेकर बैठक करते पीड़ित (फोटो: पत्रिका)

लोगों ने फ्लैट की एवज में ऋण लेकर और नकद दोनों तरह से रुपए भी बिल्डर को दे दिए। इसके बाद बिल्डर अधूरी बिल्डिंग छोड़कर फरार हो गया है। बिल्डर ने 2020 में फ्लैट देने का वादा किया था। पीडि़त लोगों ने रिमशा रेजीडेंसी संघर्ष समिति बनाई है।

160 लोगों के करोड़ों रुपए अधर में

रिमशा रेजीडेंसी संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयसिंह चौहान ने बताया कि प्रोजेक्ट के लिए कोटा के 160 लोगों ने प्रति फ्लैट एडवांस राशि के रूप में 5 लाख रुपए से अधिक की राशि जमा करवाई थी। इसके अलावा 10 से 15 लाख रुपए का बैंक से हाउस लोन लेकर भी बिल्डर को दिया।

ऐसे में बिल्डर के पास करीब 25 करोड़ रुपए की राशि पहुंची। बिल्डर ने दो बिल्डिंग के आरसीसी स्ट्रक्चर तो खड़े कर दिए, लेकिन इसके बाद वह काम को बीच में छोड़कर ही फरार हो गया।

पीडि़तों ने रेरा में की शिकायत

समिति के सचिव किरण प्रकाश वर्मा ने बताया कि मामले में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को शिकायत की, लेकिन इसके बावजूद कोई हल नहीं निकला। इस पर उन्होंने मामले की शिकायत राजस्थान रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथाॅरिटी (रेरा) के समक्ष मामले की गुहार लगाई है। इसके बाद गिरीश सावलानी ने उन्हें फ्लेट बनाकर देने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में उसने कंपनी राजेश पटेल और सुमित भारद्वाज को बेच दी।

परेशान है, कर्ज लेकर दिए थे रुपए

मामले में जयसिंह चौहान, किरण प्रकाश वर्मा, हंसराज गुप्ता, अभय कुमार, सुनीत पारेता, ओपी जैन, अजय मंडिया, अमरीन खान, खुशबू खंगार, संतोष सोनी, समीना, रेणू मीणा, राधेश्याम वैष्णव, महेन्द्र सिंह सोलंकी, हरिप्रसाद सैनी, जितेन्द्र सेन, मुकेश राठौर और महेन्द्र गुप्ता ने बैठक कर फ्लेट आवंटित न करने का विरोध करते हुए रेरा में शिकायत दर्ज करवाई है।

लोगों का कहना है कि कर्ज लेकर फ्लैट के लिए रुपए जमा करवाए थे। साल दर साल ब्याज बढ़ रहा है। न फ्लैट मिले है और न रुपए वापस मिल रहे हैं। आर्थिक संकट में बुरी तरह फंस गए हैं।

यह मामला रेरा से संबंधित है। इस मामले में रेरा की ओर से कार्रवाई की जाएगी। केडीए में ऐसा मामला फिलहाल नहीं आया है। फिर भी पीडि़तों की हर संभव मदद करेंगे।
ममता तिवाड़ी, आयुक्त, केडीए

बिल्डर का मोबाइल बंद

इस मामले में जब बिल्डर गिरीश सावलानी से बात करने की कोशिश की गई, तो उनका फोन बंद था। मामले में मैसेज के बावजूद बिल्डर ने कोई जवाब नहीं दिया।

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Published on:
07 Jan 2026 09:43 am
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