UPSC Topper Anuj Agnihotri : देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा यूपीएसी में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले अनुज अग्निहोत्री आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। यहां पढ़िए कैसे एक छोटे से कस्बे से निकले अनुज अग्निहोत्री ने इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल की।
कोटा। देश की सबसे प्रतिष्ठित UPSC सिविल सर्विस परीक्षा 2025 में राजस्थान के रहने वाले अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया टॉप किया। राजस्थान के एक साधारण परिवार से आने वाले अनुज की सफलता कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प की मिसाल मानी जा रही है। एक छोटे से कस्बे से निकलकर अनुज अग्निहोत्री ने देश की सबसे कठिन परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर हजारों यूपीएससी अभ्यर्थियों को नई प्रेरणा दी है।
अनुज अग्निहोत्री का जन्म राजस्थान के रावतभाटा कस्बे में स्थित एक ब्राह्मण परिवार में हुआ, जो चित्तौड़गढ़ जिले में मौजूद है। उनके पिता रावतभाटा स्थित परमाणु ऊर्जा संयंत्र में कार्यरत हैं। परिवार का वातावरण सादगी और अनुशासन से भरा रहा, जिसने बचपन से ही अनुज को मेहनत और पढ़ाई के प्रति गंभीर बनाया।
छोटे शहर में पले-बढ़े अनुज अग्निहोत्री ने प्रारंभिक शिक्षा परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय से प्राप्त की। बचपन से ही उनकी रुचि पढ़ाई में थी और वे हर कक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करते रहे। उनके शिक्षकों का कहना था कि अनुज हमेशा जिज्ञासु स्वभाव के छात्र रहे और नई चीजें सीखने के लिए उत्सुक रहते थे।
दसवीं कक्षा के बाद अनुज ने आगे की पढ़ाई के लिए कोटा का रुख किया। यहां उन्होंने एम.बी. पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की। पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन के कारण उन्हें चिकित्सा शिक्षा के लिए चयन मिल गया।
इसके बाद उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान AIIMS Jodhpur में प्रवेश लेकर एमबीबीएस की पढ़ाई की और चिकित्सक की उपाधि प्राप्त की। चिकित्सा की पढ़ाई के दौरान ही उनके मन में समाज के व्यापक स्तर पर सेवा करने का विचार मजबूत होने लगा।
चिकित्सा की पढ़ाई पूरी करने के बाद अनुज ने यह महसूस किया कि प्रशासनिक सेवा के माध्यम से वे समाज में अधिक व्यापक बदलाव ला सकते हैं। इसी उद्देश्य से उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। यह राह आसान नहीं थी। उन्हें नए विषयों को समझना पड़ा, पढ़ाई की नई पद्धति अपनानी पड़ी और लंबे समय तक अनुशासित दिनचर्या बनाए रखनी पड़ी। लगातार प्रयासों के बाद तीसरे प्रयास में उन्होंने देश की इस कठिन परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
अनुज का मानना है कि इस परीक्षा की तैयारी में धैर्य और निरंतरता सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कई बार कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन लक्ष्य से कभी पीछे नहीं हटे। उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि यदि व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे और नियमित रूप से मेहनत करता रहे तो सफलता निश्चित रूप से मिलती है।
आज अनुज अग्निहोत्री की कहानी पूरे देश में युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। छोटे शहर से निकलकर देश की सबसे कठिन परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त करना यह दिखाता है कि सपनों को पूरा करने के लिए बड़े शहर या विशेष संसाधन जरूरी नहीं होते, बल्कि मजबूत संकल्प और लगातार मेहनत ही असली ताकत होती है।
उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार और राज्य के लिए गर्व का विषय है, बल्कि उन सभी युवाओं के लिए उम्मीद की किरण है जो अपने सपनों को सच करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।