Unseasonal Torrential Rain In Hadoti: हाड़ौती की अनाज मंडियों में खुले में रखा सैकड़ों बोरी अनाज भीग गया। इससे अनाज की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा।
Rajasthan Weather Impact On Farmers: हाड़ौती में बेमौसम हुई तूफानी बारिश किसानों के लिए आफत बन कर आई। खेतों से लेकर मंडी तक किसानों का अनाज सुरक्षित नहीं रहा। हाड़ौती की अनाज मंडियों में खुले में रखा सैकड़ों बोरी अनाज भीग गया। इससे अनाज की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा।
भामाशाहमंडी में सोमवार को महावीर जयंती का अवकाश होने के कारण किसान नुकसान से बच गए हैं, हालांकि कुछ किसानों ने रविवार देर रात मंडी में अनाज के ढेर लगा दिए थे, जो भीग गया। मंडी में करीब 25 हजार बोरी गेहूं व अन्य जिन्स भीग गया।
भामाशाहमंडी में यार्ड दो को गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए आरक्षित कर रखा है। यहां एक लाख कट्टे से अधिक गेहूं छायादार शेड में रखने की व्यवस्था है। इस कारण यहां भी गेहूं सुरक्षित रह गया। मंडी के अलग-अलग यार्डों में गेहू व अन्य जिन्स के ढेर लगे हुए थे, जो बेमौसम बारिश से भीग गया।
हालांकि मौसम विभाग के बारिश के अलर्ट के चलते किसान भी अपनी साथ तिरपाल लेकर आए थे, जो मौसम को देखकर अनाज के ढेरों को ढककर भीगने से बचाव किया, लेकिन बारिश तेज होने के कारण पानी बहकर आया, जो अनाज के कई ढेरों को बहा ले गया।
बूंदी कृषि उपज मंड़ी में भी गेहूं, धान व अन्य जिन्स भीग गया है। सुल्तानपुर मंडी में भी गेहूं भीग गया है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि धनिये भीगने से बदरंग हो गया है, इस कारण दामों पर असर पड़ेगा। भीगने से गेहूं भी दागदार हो जाता है। इससे भावों पर असर पड़ता है।
कोटा ग्रेन एण्ड सीड्स मर्चेन्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश राठी ने बताया कि भामाशाहमंडी में महावीर जयंती का अवकाश होने के कारण नुकसान से बच गए हैं। किसानों से मंडी में छायादार शेड में जिन्स के ढेर लगाने की अपील है साथ ही तिरपाल भी साथ लेकर आए, ताकि अनावश्यक नुकसान से बचा जा सके।
हाड़ौती में इन दिनों गेहूं की फसल की कटाई का काम अंतिम दौर में चल रहा है। अंधड़ के साथ जोरदार बारिश होने से खेतों में खड़ी और कटी हुई गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है। खेतों में सैकड़ों बीघा गेहूं की फसल पककर तैयार थी, जो अंधड़ के बार आड़ी बिछ गई है। लहसुन की खुदाई का काम भी चल रहा है। भीगने से लहसुन की गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा।