कोटा

Kota: RTU में युवाओं को सही रास्ता दिखा रही ‘तनाव मुक्त रखने की लैब’, मिल रही स्ट्रेस मैनेजमेंट की ट्रेनिंग

Rajasthan News: राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय कोटा में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन पर काम करने के लिए एक अनोखी ‘थॉट लैब’ शुरू की जा रही है।
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May 11, 2026
Stress-Free Lab
फोटो: पत्रिका

RTU Thought Lab: विज्ञान को समझने के लिए प्रयोगशालाएं होती है, लेकिन कोटा के आरटीयू यानी राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के विचारों को समझने वाली अनूठी थॉट लेब है। यहां विभिन्न विषयों में इंजीनियरिंग कर रहे विद्यार्थी व अन्य साइंटिफिक तौर पर खुद को समझ भी रहे हैं और ध्यान योग-अध्यात्म से जीवन को निखार भी रहे हैं।

इलेक्टि्रकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में एसोसिएट प्रोफेसर व लेब में चीफ कॉ-आर्डिनेटर लता गिदवानी बताती है कि थॉट लेब में विचार, तनाव आदि को समझने के लिए आधुनिक डिवाइस उपलब्ध करवाए गए हैं। इनके माध्यम से जो रिजल्ट सामने आते हैं, उसके आधार पर विद्यार्थियों को ध्यान योग कराते हैं। परिणाम काफी अच्छे आए हैं।

आरटीयू प्रशासन ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्था के प्रस्ताव पर लेब स्थापित की है। गिदवानी के अनुसार थॉट लेब में विद्यार्थियों की सोच और विचार प्रक्रिया का अध्ययन कर उनके मनोबल को बढ़ाने, मानसिक तनाव को कम करने और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए अलग-अलग डिवाइस से तनाव, एकाग्रता, मानसिकता, विल पावर आदि का परीक्षण करते हैं। सुधार के लिए मेडिटेशन करवाते हैं।

महकती है लेब, सुकून देती है लाल रोशनी

लेब में तीन कक्ष हैं। पहले कक्ष में विभिन्न डिवाइस से माइंड, स्ट्रेस, एकाग्रता का चैकअप के साथ लाइब्रेरी है। दूसरे में मेडिटेशन कक्ष और तीसरा विसडम हॉल है जहां व्यक्ति जीवन के रहस्य, सच्चाई के साथ खुद को समझता है। परिसर में प्रवेश करते ही खुशबू से मन महक उठता है। मेडिटेशन कक्ष में लाल रोशनी ध्यान, अध्यात्मिक अनुभूति के साथ शांति व सुकून का अहसास कराती है।

ये उपकरण बन रहे उपयोगी

लेब में प्रदीप गुप्ता व विनोद गोचर बताते हैं कि स्टूडेंट्स की मनोसि्थति को पढ़ने के लिए थॉट लेब में ई सेंस, न्यूरोस्काई माइंड वेव मोबाइल, पजल बॉक्स आर्बिट, माइंड फ्लैक्स, क्वांटम बॉडी एनालाइजर, मेमोरी सर्कल, वीआर बॉक्स हैंडसेट, ब्रैन सेनाइंग हैंडबेंड, पीआइपी स्ट्रेस ट्रेकर आदि डिवाइस हैं। इनसे विद्यार्थियों के तनाव, एकाग्रता, मानसिक स्तर व स्वास्थ्य को मापा जाता है।

विद्यार्थियों में पढ़ाई का दबाव रहता है। कई बार डिप्रेशन में आ जाते हैं। इन हालातों में ध्यान योग से स्टे्रस को कम करते हुए सकारात्मकता की ओर ले जाया जा सकता है। थॉट लेब में लगे डिवाइस के उपयोग से बच्चे खुद को पढ़ कर सुधार कर रहे हैं।
उर्मिला, संभागीय प्रभारी, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय

आज के दौर में विद्यार्थियों में स्ट्रेस बढ़ रहा है। कई बार वे इसे हैंडल नहीं कर पाते और टूट जाते हैं। हमारा मानना है कि विद्यार्थी जो भी बनें, लेकिन प्रसन्नता के अनुभव के साथ बनेें। स्ट्रेस आए तो उसे हैंडल करना आना चाहिए। बच्चे भी टेक्नोलॉजी पर विश्वास करते हैं।
प्रो. निमित रंजन चौधरी, कुलगुरु राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय

Published on:
11 May 2026 11:50 am