
विभाग के विशिष्ट शासन सचिव एवं निदेशक ने आदेश जारी कर बताया कि ग्राम पंचायत पलाड़ा की सरपंच लीना कंवर के पति द्वारा कार्यालय में अनाधिकृत रुप से प्रवेश कर राष्ट्रीय आपदा के लिए गठित कमेटी को सरपंच की सीट पर बैठकर राजकार्य कर रहे कार्मिकों को प्रभावित किया एवं उन्हें धमकाते हुए कार्यालय से बाहर निकाल दिया था। इस मामले ने विभाग ने सरपंच लीना कंवर को कार्यालय अध्यक्ष होने के बावजूद उक्त कार्य पर कोई कार्रवाई नहीं करने के लिए दोषी माना है और सरपंच लीना कंवर को निलंबित किया है।
पुलिस थाने में भी दर्ज है मामला- कोरोना कार्मिकों को धमका कर आईटी केन्द्र से बाहर निकालने के मामले में विडियो वायरल होने के बाद ड्यूटी कर रहे शिक्षक अशोक मोहनपुरिया ने पुलिस थाने में रिपोर्ट पेश कर अनुसूचित जाति जन जाति अधिनियम के तहत जातिसूचक गालियां देने व धमकियां देने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु की। मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक नगाराम चौधरी कर रहे है।
क्या था मामला- कुचामन ब्लॉक की ग्राम पंचायत पलाड़ा में 27 मार्च को सरपंच लीना कंवर के पति विजयसिंह पलाड़ा की ओर से कार्मिकों को धमकाने का मामला सामने आया था। सरपंचपति विजयसिंह व शिक्षक अशोक मोहनपुरिया के बीच ड्यूटी को लेकर काफी गहमा-गहमी हुई थी। यहां तक कि सरपंच पति विजयसिंह की ओर से शिक्षक मोहनपुरिया को बार-बार बाहर निकलने की धमकी दी गई। जबकि कोराना संक्रमण के मामले में ग्राम पंचायत पलाड़ा का क्षेत्र अतिसंवेदनशील है।
अधिकांश मामलों में परिवार की संलिप्तता- अधिकांश ग्राम पंचायतों में यही देखने को ही मिल रहा है कि महिला सीट पर महिला सरपंच बनने के बाद ग्राम पंचायत की कमान या तो उसके पति के हाथों में होती है या उसके पुत्र, देवर या अन्य के हाथों में होती है। जबकि राज्य सरकार की ओर से महिला सशिक्तकरण के लिए महिलाओं को आगे लाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन राज्य सरकार के अथक प्रयासों के बावजूद महिला सरपंच बनने के बाद भी उनके पति के हाथों में सरपंचाई की कमान होती है। पलाड़ा सरपंच लीना कंवर शिक्षित है, लेकिन यहां सरपंच पति विजयसिंह की ओर से कार्मिकों को धमकाने के बाद सरपंच लीना कंवर को निलंबित कर दिया गया है।
पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा- विडियो वायरल होने के बाद पत्रिका ने 31 मार्च को पेज संख्या 3 पर सरपंच के पति ने कार्मिकों को धमका कर निकाला आईटी केन्द्र से बाहर शीर्षक से समाचार प्रकाशित किए थे। जिस पर कुचामन पंचायत समिति की ओर से मामले की जांच करवा कर पंचायतीराज विभाग जयपुर को रिपोर्ट भिजवाई गई थी। जांच रिपोर्ट के बाद विभाग की ओर से की गई कार्रवाई में सरपंच को निलंबित किया गया है और आदेश दिए गए है कि वह अब पंचायत में होने वाले किसी भी कार्य में हस्तक्षेप नहीं कर सकेंगे और विभाग की ओर से सरपंच का चार्ज भी अन्य को दिया जाएगा।
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इनका कहना-
विडियो वायरल होने के बाद टीम गठित कर मामले की जांच करवा कर नगर परिषद् नागौर को भेजी गई थी। जिस पर विभाग ने निलंंबित करने की कार्रवाई की है।
रणवीरसिंह
विकास अधिकारी, कुचामन
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