कुचामनसिटी में व्यापारी रमेश रूलानिया हत्याकांड में कुचामन पुलिस को कामयाबी मिली है। पुलिस की टीमों ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना में उपयोग की गई लग्जरी कार भी बरामद की है।
कुचामनसिटी। शहर के व्यापारी रमेश रूलानिया हत्याकांड में कुचामन पुलिस को कामयाबी मिली है। पुलिस की टीमों ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना में उपयोग की गई लग्जरी कार भी बरामद की है। मुख्य आरोपी अभी की पुलिस गिरफ्त से दूर है।
मामले का खुलासा करते हुए एसपी ऋचा तोमर ने बताया कि व्यापारी रमेश रूलानिया के मर्डर के लिए लॉरेंस गैंग के गुर्गें वीरेन्द्र चारण से पवन चारण पुत्र लक्ष्मणसिंह चारण निवासी करणी कॉलोनी बोरावड़ ने सुपारी (जिम्मेदारी) ली थी। उसने बाद में गणपत गुर्जर को अपने साथ शामिल कर लिया। पुलिस ने पवन चारण को गिरफ्तार कर लिया है। गणपत अभी पुलिस की पकड़ से दूर है।
एसपी ने बताया कि पूर्व में फिरौतीकांड में शामिल मुख्य आरोपी शफीक खान को भी गिरफ्तार कर लिया है। उसने ही लॉरेंस गैंग के गुर्गें रोहित गोदारा व वीरेन्द्र चारण के सम्पर्क में आकर कुचामन के 5 कारोबारियों की जानकारी उपलब्ध करवाई थी। लोकल इनपुट उपलब्ध करवाने के बाद ही व्यापारियों को गैंग की ओर से करोड़ों की फिरौती के लिए कॉल आए थे। फिरौती देने से मना करने पर व्यापारी रमेश रूलानिया की जिम में हत्या कर दी गई।
गत 7 अक्टूबर को व्यापारी की हत्या करने के बाद में आरोपी लग्जरी कार से फरार हो गए। घटना के लिए कार उपलब्ध करवाने के साथ ही अन्य आरोप में पुलिस ने खुशीराम पुत्र मदनलाल जाट व दिनेश चौधरी पुत्र रसीलाल जाट निवासी जोला टोंक को गिरफ्तार किया है। साथ ही अन्य गिरफ्तार आरोपियों ने बदमाशों के लिए मोबाइल की व्यवस्था की थी। एसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी गणपत गुर्जर, धर्मेन्द्र गुर्जर, जुबेर अहमद व महेश गुर्जर अभी फरार है। गिरफ्तार किए गए 7 आरोपियों से पुलिस को किसी प्रकार का कोई हथियार नहीं मिला है। एसपी से नरैना थाना क्षेत्र में मिली जिगाना पिस्टल को लेकर सवाल करने पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
एसपी तोमर ने बताया कि आरोपियों को पकडऩे के लिए पुलिस की 4 जिलों की टीमों का अहम योगदान रहा। करीब 100 पुलिसकर्मियों की टीम ने 500 किमी. क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों के रिकॉर्ड खंगाले। साथ ही पुलिस की इंटलीजेंस टीमों ने दिन-रात कार्रवाई की। इस कार्रवाई में डीडवाना- कुचामन जिले के साथ नागौर, अजमेर, टोंक व एजीटीफ की टीमों का सहयोग रहा है। आरोपियों की तलाश में एसपी के निर्देशन में एएसपी नेमीचंद खारिया, डीएसपी अरविंद बिश्रोई के सुपरविजन में सीआई सतपाल सिंह भी शामिल रहे।