
डीडवाना-कुचामन। जिले के खुनखुना थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में शनिवार को दिनदहाड़े एक युवती के अपहरण की सनसनीखेज वारदात सामने आई। कार में सवार होकर आए तीन बदमाशों ने कथित रूप से पिस्टल और लोहे के सरियों के बल पर युवती को उसके घर से जबरन उठा लिया। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज दो घंटे के भीतर युवती को सकुशल बरामद कर लिया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से एक अवैध पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार पीड़ित पक्ष ने रिपोर्ट में बताया कि शनिवार दोपहर उनकी बेटी घर पर मौजूद थी। इसी दौरान कार में सवार होकर आए तीन युवक घर में घुस गए। आरोप है कि बदमाशों ने परिवार के सदस्यों पर पिस्टल तान दी और युवती को उनके हवाले करने की धमकी दी। विरोध करने पर आरोपियों ने परिजनों के साथ मारपीट की, घर में तोड़फोड़ की और युवती को जबरन कार में बैठाकर फरार हो गए। जाते समय पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी।
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा और वृत्ताधिकारी जेठू सिंह के सुपरविजन में खुनखुना थाना प्रभारी अमित कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने तत्काल नाकाबंदी कर आरोपियों का पीछा शुरू किया।
इस दौरान ग्रामीण भी आरोपियों के पीछे लग गए। दबाव बढ़ता देख आरोपी कुछ दूर एक गांव के पास कार छोड़कर युवती को साथ लेकर डीडवाना जाने वाली बस में सवार हो गए। ग्रामीणों ने बस रुकवा दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवती को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान आरोपियों ने एक युवक पर लोहे के सरियों से हमला किया और पिस्टल दिखाकर डराने का प्रयास भी किया, लेकिन बस में मौजूद यात्रियों और ग्रामीणों के सहयोग से स्थिति को संभाल लिया गया।
पुलिस ने इस मामले में चांदारूण निवासी हरीश लामरोड़ (24), जितेंद्र चौधरी (28) और कुतियासनी निवासी राजूराम भाखर (25) को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक अवैध पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ अपहरण, मारपीट, धमकी और आर्म्स एक्ट के तहत अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब वारदात के पीछे के कारणों और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड सहित अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।