Ramesh Rulania Murder Case: कुचामन सिटी में मंगलवार को रमेश रुलानिया की गोली मारकर हत्या के बाद शुरू हुआ परिजनों और स्थानीय लोगों का धरना बुधवार को समाप्त हो गया।
Ramesh Rulania Murder Case: राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के कुचामन सिटी में मंगलवार को बाइक एजेंसी संचालक रमेश रुलानिया की गोली मारकर हत्या के बाद शुरू हुआ परिजनों और स्थानीय लोगों का धरना बुधवार को समाप्त हो गया। कुचामन पुलिस थाने के सामने दो दिनों तक चले इस धरने में भारी संख्या में लोग शामिल हुए, जो हत्यारों की गिरफ्तारी या उनके एनकाउंटर की मांग कर रहे थे।
धरने के दौरान राज्य सरकार, पुलिस प्रशासन और मृतक के परिजनों के बीच सहमति बनने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। इस सहमति में कुचामन वृत्ताधिकारी (डिप्टी SP) और थानाधिकारी सहित कुचामन थाने के पूरे स्टाफ को लाइन हाजिर करने, पूर्व में फिरौती मामले में गिरफ्तार आरोपी शफीक की अवैध संपत्तियों को ध्वस्त करने, मृतक के परिवार को सुरक्षा प्रदान करने और हत्या में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी जैसे प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी।
धरने में बीजेपी, कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल, विधायक मुकेश भाकर, रामनिवास गावड़िया, पूर्व मंत्री महेंद्र चौधरी और राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी ने धरने में शिरकत कर मृतक के परिजनों को न्याय का भरोसा दिलाया। धरने के दौरान स्थानीय लोगों ने हत्याकांड के लिए जिम्मेदार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मंगलवार को कुचामन सिटी में रमेश रुलानिया अपने जिम में वर्कआउट कर रहे थे, तभी तीन नकाबपोश बदमाश दो स्कॉर्पियो गाड़ियों में सवार होकर वहां पहुंचे। बदमाशों ने जिम की इमारत के नीचे गाड़ियां खड़ी कीं और दूसरी मंजिल पर स्थित जिम में घुसकर रमेश पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। हमलावर नकाब बांधे हुए थे और फायरिंग के बाद तुरंत फरार हो गए।
जिम में मौजूद लोगों ने घायल रमेश को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हत्या से पहले रोहित गोदारा गैंग ने रमेश से फिरौती मांगी थी, जिसे उन्होंने देने से इनकार कर दिया था।
हैरानी की बात यह है कि हत्या की जिम्मेदारी रोहित गोदारा गैंग के सदस्य वीरेंद्र चारण ने खुलेआम सोशल मीडिया पर ली। चारण ने एक पोस्ट में लिखा कि लगभग एक साल पहले हमने रमेश को फोन किया था, लेकिन उसने अपमानजनक शब्द कहे और सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर चुनौती दी थी कि वह हमें 100 रुपये भी नहीं देगा। आज सबको पता चल गया होगा कि हम किसी को नहीं भूलते। जो हमारे फोन को अनदेखा करेगा, उसकी बारी आएगी।
सहमति के बाद कुचामन थाने के पूरे स्टाफ को लाइन हाजिर कर दिया गया। मृतक के शव का पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की गई। पुलिस ने हत्या में शामिल आरोपियों की तलाश तेज कर दी है और शफीक की अवैध संपत्तियों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू करने का आश्वासन दिया है। मृतक के परिवार को सुरक्षा प्रदान करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।