कुचामन शहर

डीडवाना-कुचामन में सात माह की गर्भवती विवाहिता की संदिग्ध मौत, पति और सास पर दहेज हत्या का आरोप

Pregnant Woman Death: सात माह की गर्भवती विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पीहर पक्ष ने पति और सास पर दहेज प्रताड़ना व हत्या का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है।

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आशा प्रजापत। फाइल फोटो- पत्रिका

डीडवाना-कुचामन। डीडवाना-कुचामन के लाडनूं शहर के कुम्हारों का मोहल्ला क्षेत्र में मंगलवार को सात माह की गर्भवती विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतका के पीहर पक्ष ने पति और सास पर दहेज की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ित करने तथा हत्या करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद परिजनों में शोक व्याप्त है।

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पुलिस के अनुसार सुजानगढ़ निवासी विनोद प्रजापत पुत्र नेमीचंद अड़वालिया ने रिपोर्ट देकर बताया कि उसकी बहन आशा प्रजापत का विवाह करीब पांच वर्ष पूर्व लाडनूं के कुम्हारों का बास निवासी प्रकाश नागपुरिया पुत्र रामेश्वरलाल प्रजापत के साथ हुआ था। विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष की ओर से दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया जाता था। आरोप है कि पति और सास बालीदेवी कम दहेज लाने के ताने देते हुए उसके साथ मारपीट करते थे। परिवादी के अनुसार कई बार दोनों पक्षों के लोगों ने समझाइश कर मामला सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।

मारपीट का आरोप

रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि करीब एक वर्ष पूर्व गर्भावस्था के दौरान कथित मारपीट के कारण उसका गर्भपात भी हो गया था। परिजनों का आरोप है कि 10 से 12 दिन पहले भी आशा के साथ मारपीट की गई थी, जिसके बाद उसका भाई उसे सुजानगढ़ ले गया था। बाद में 31 मई को पति उसे वापस लाडनूं ले आया। परिजनों ने बताया कि एक जून को आशा की अपनी बहन रितिका से मोबाइल पर बातचीत हुई थी। इस दौरान उसने रोते हुए दहेज की मांग को लेकर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दिए जाने की बात कही थी। मंगलवार को तबीयत खराब होने की सूचना मिलने पर परिजन लाडनूं पहुंचे, जहां अस्पताल में उन्हें उसकी मौत की जानकारी मिली।

तीन डॉक्टरों के बोर्ड से हुआ पोस्टमार्टम

घटना की सूचना पर पुलिस कुचामन अस्पताल पहुंची और शव को मोर्चरी में रखवाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया। एएसआई राजेंद्र गिला, गजेंद्र सिंह चारण और चेतराम मीणा सहित पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर संबंधित कमरे को सील कर दिया। पुलिस उप अधीक्षक जेठूसिंह करनोत मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। आशा की करीब साढ़े तीन वर्ष की पुत्री हिमानी है।

Published on:
02 Jun 2026 07:29 pm