Free Cycle Distribution Scheme: सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढाओ अभियान के उद्देश्य को पूर्ण करने तथा लाडों को स्कूल से जोड़े रखने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना को लगता है कि राज्य सरकार इस वर्ष भूल गई है या फिर बेटियों को योजना का लाभ देना नहीं चाहती।
कुचामनसिटी. Free Cycle Distribution Scheme: सरकार के बेटी बचाओ-बेटी पढाओ अभियान के उद्देश्य को पूर्ण करने तथा लाडों को स्कूल से जोड़े रखने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना को लगता है कि राज्य सरकार इस वर्ष भूल गई है या फिर बेटियों को योजना का लाभ देना नहीं चाहती। यहीं कारण कक्षा 9 की जिन छात्राओं को साइकिल मिलनी थी, वो इंतजार करते हुए अब 10वीं कक्षा में आ गई है। अब साइकिल मिलेगी या अन्य कोई साधन इस बारे में जवाब देने को कोई अधिकारी तैयार नहीं है। ना उनके पास सरकार की ओर से कोई गाइड लाइन आई है।
गौरलतब है कि राज्य सरकार ने सन् 2007-2008 में बालिका शिक्षा को बढावा देने के लिए लाड़ो को मुफ्त में साइकिल वितरण की योजना शुरूआत की थी। कक्षा 9 में प्रवेश करने वाले सरकारी विद्यालयों की छात्राओं को दिसम्बर अंत तक साइकिलें दी जाती थी, ताकि बालिकाओं को पैदल नहीं चलना पड़े। साथ ही समय और आर्थिक बचत होने पर बालिकाएं सरकारी विद्यालयों से जुड़ी रहे।
ईडब्लयूएस वर्ग की छात्राओं को भी मिलेगी साइकिलें
सरकार ने बजट घोषणा 2022-23 में आर्थिक कमजोर ईडबल्यूएस वर्ग की कक्षा 6 से आठ की छात्राओं को नि:शुल्क साइकिल देने की घोषणा की थी। साथ ही घुमन्तु एव अर्द्ध घुमन्तु वर्ग के कक्षा 6 से 11 तक पढने वाली छात्राओं को साइकिलें मिलेगी। शिक्षा विभाग के अनुसार इसके लिए बालिकाओं को शाला दर्पण पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
साइकिल मिलेगी या नकद राशि
पहले राज्य सरकार व शिक्षा निदेशालय ने शाला दर्पण से बालिकाओं के नामाकंन की जानकारी लेकर शिक्षा केन्द्र पर साइकिलें भेज दी जाती थी। उसके बाद विद्यालयों के माध्यम से बालिकाओं को वितरित की जाती थी यानि बालिकाओं से या स्कूलों से कोई कागजी कार्रवाई नहीं करवाई जाती थी। ऐसे में बालिकाएं असमंजस में है कि योजना बंद हो गई या साइकिलें मिलेगी। इसकी किसी को जानकारी नहीं है।