बारामूला में तैनात कैप्टन अमन सिंह की मौत ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से हुई है। कैप्टन अमन सिंह बचपन से ही मेधावी और अनुशासित थे। उनका सपना सेना में जाकर देश की सेवा करना था, जिसे उन्होंने अपने परिश्रम से पूरा किया।
कश्मीर के बारामूला में तैनात कुशीनगर निवासी कैप्टन अमन कुमार सिंह( 22 ) साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें हेलिकॉप्टर से श्रीनगर लाया गया लेकिनं उन्हें डॉक्टर नहीं बचा पाए। परिजनों के मुताबिक अभी साल भर पहले ही उनकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर के बारामूला में हुई थी। वह परिवार के इकलौते बेटे थे।
जैसे ही उनके मौत की परिवार को मिली सभी बदहवास हो गये, चीख पुकार सुन ग्रामीण भी उनके घर पहुंचने लगे। थोड़ी ही देर में सैकड़ों लोग पहुंचकर परिजनों को ढांढस बधाने लगे। परिजन विमान से रविवार रात को श्रीनगर के लिए रवाना हो गए।
पार्थिव शरीर श्रीनगर से दिल्ली और फिर गोरखपुर एयरपोर्ट लाया जाएगा। दोपहर करीब 2 बजे तक गोरखपुर पहुंचने की संभावना है। इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
अग्रिम मोर्चे पर तैनात कैप्टन अमन की लगभग 9 से 11 बजे के बीच तबीयत अचानक बिगड़ गई। दुर्गम और पहाड़ी इलाका होने के कारण साथी जवान उन्हें हैलीपैड तक कंधों पर लेकर आए। फिर वहां से हेलीकॉप्टर से श्रीनगर सेना के अस्पताल ले आए। यहां पर करीब 2 बजे उनकी मौत हो गई।
अमन के चाचा वीरेंद्र सिंह ने बताया कि सेना से सूचना आई कि अमन को कार्डियक अरेस्ट के कारण मौत हुई है।कैप्टन अमन अपने परिवार में इकलौते बेटे थे, उनके पिता यशवंत सिंह वर्तमान में बनारस में जॉब करते हैं। अमन अभी अविवाहित थे गांव में उनकी दादी, और चाचा का परिवार रहता है।
अमन ने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई होल मार्क वर्ल्ड स्कूल, गोरखपुर से की। इसके बाद गाजियाबाद से बीटेक (सिविल इंजीनियरिंग) में प्रवेश लिया। इसी बीच प्रथम सेमेस्टर के बाद ही उनका चयन भारतीय सेना में TES (टेक्निकल एंट्री स्कीम) के माध्यम से लेफ्टिनेंट पद पर हो गया। करीब दो वर्ष पहले उन्होंने सेना जॉइन की थी और हाल ही में कैप्टन बने थे। कैप्टन अमन के असामयिक निधन से क्षेत्र में शोक व्याप्त है।